समर न्यूज | चंडीगढ़
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में शुरू की गई कार्रवाई बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही।
जांच के दायरे में गमाडा मुख्यालय, पंजाब के आवास एवं शहरी विकास विभाग से जुड़े कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों के परिसर शामिल हैं। ईडी ने मंगलवार को दिल्ली, चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और लुधियाना में 26 परिसरों पर धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत तलाशी और सर्वे शुरू किया था। आईएएस अधिकारी और गमाडा के पूर्व मुख्य प्रशासक राजीव गुप्ता के चंडीगढ़ स्थित आवास पर भी कार्रवाई की गई।
गमाडा मुख्यालय में जांच के दौरान कम से कम तीन मंजिलों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें मुख्य अभियंता का कक्ष भी शामिल है। वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन और कार्यालय के कंप्यूटर भी जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए हैं। गमाडा के कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की गई है। इनमें आवास विभाग के सचिव विकास गर्ग, गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप ऋषि, भूमि अधिग्रहण कलेक्टर रोहित जिंदल, एस्टेट अधिकारी अमन गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य प्रशासक अमरिंदर सिंह मल्ही, अतिरिक्त मुख्य प्रशासक (वित्त) राकेश पोपली और मुख्य अभियंता अजय गर्ग शामिल बताए गए हैं। जांच का मुख्य केंद्र तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के गमाडा के साथ हुए लेन-देन हैं।
ईडी के अनुसार तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स के प्रवर्तक रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स इंडिया और एमबी इंफ्राबिल्ड जैसी कंपनियों को भी नियंत्रित करते हैं। इन कंपनियों ने मोहाली में गमाडा की दो प्रमुख नीलामी साइटें हासिल की थीं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि बाद में इन कंपनियों को गमाडा को देय रकम में पर्याप्त वित्तीय राहत मिली, जिससे कंपनियों को हुआ कथित अनुचित लाभ और सरकारी खजाने को संभावित नुकसान 100 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
जांच केवल नीलामी वाली जमीन तक सीमित नहीं है। ईडी भूमि अधिग्रहण, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव की मंजूरी और निजी रियल एस्टेट कंपनियों को मिले कथित लाभ से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। जांच के दौरान टीला कंसल्टेंट्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका भी सामने आई है।
यह कंपनी गमाडा के लिए विभिन्न परामर्श कार्यों से जुड़ी रही है। ईडी को संदेह है कि कथित अनियमितताओं में इसकी भूमिका मध्यस्थ के रूप में हो सकती है। एजेंसी भूमि अधिग्रहण से जुड़े हालिया रिकॉर्ड और न्यू चंडीगढ़ तथा मोहाली में अधिग्रहित जमीन से संबंधित दस्तावेज भी देख रही है।
जांच के साथ सियासी बयानबाजी
ईडी की कार्रवाई के बाद पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से पंजाब सरकार के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और गमाडा के विकास कार्य प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। विपक्षी दलों ने इसके विपरीत गमाडा से जुड़े मामलों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इन राजनीतिक आरोपों से अलग, ईडी की जांच का वास्तविक निष्कर्ष तलाशी में मिले दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अभी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं
बुधवार तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार ईडी की कार्रवाई और पूछताछ जारी थी तथा किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गमाडा की ओर से निजी कंपनियों को वित्तीय राहत किस प्रक्रिया के तहत मिली और इसमें संबंधित अधिकारियों, कंपनियों तथा परामर्श एजेंसी की क्या भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद ही कथित अनियमितताओं की प्रकृति और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।