summer express,चंडीगढ़। पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। बीते एक साल में सोने के दाम करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ने से इसका असर अब बाजार में भी दिखाई देने लगा है। ऊंची कीमतों के कारण ग्राहकों ने सोने की खरीदारी कम कर दी है, जिससे ज्वेलरी कारोबार पर दबाव बढ़ा है।
पिछले साल गणेश चतुर्थी के दौरान सोने का भाव करीब 98,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस साल गणेश चतुर्थी के समय कीमत बढ़कर करीब 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। यानी एक साल में सोने के भाव में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सोने की कीमतों में इस तेज उछाल का असर त्योहारी खरीदारी पर भी पड़ा है। कारोबारियों के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी और त्योहारी सीजन के दौरान सोने की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 प्रतिशत कम रही। बढ़ी कीमतों के चलते आम ग्राहकों के लिए आभूषण खरीदना महंगा हो गया है और कई लोगों ने अपनी खरीदारी सीमित कर दी है।
महंगे सोने के बीच ग्राहकों की पसंद में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब भारी आभूषणों के बजाय हल्की ज्वेलरी और सोने के सिक्कों की मांग बढ़ रही है। ग्राहक अपने बजट के अनुसार कम वजन के आभूषण खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सोने के मूल भाव में बढ़ोतरी के साथ हॉलमार्किंग और अन्य शुल्क भी कुल खरीद लागत को बढ़ा रहे हैं। इसका असर खास तौर पर शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए सोना खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है।
कारोबारियों का कहना है कि यदि सोने की कीमतों में तेजी आगे भी जारी रहती है तो भारी आभूषणों की बिक्री पर और दबाव पड़ सकता है। हालांकि, कम वजन वाली ज्वेलरी और सोने के सिक्कों की मांग बनी रहने की संभावना है।