एजेंसी | मोहाली
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) मुख्यालय में मंगलवार सुबह शुरू हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तलाशी और निगरानी की कार्रवाई गुरुवार को समाप्त हो गई। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने जमीन अधिग्रहण, चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू), निजी रियल एस्टेट कंपनियों को कथित लाभ और संपत्ति संबंधी कुछ फैसलों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। शुरुआती कार्रवाई में गमाडा भवन की तीन मंजिलें सील किए जाने और कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की भी जानकारी सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई पूरी होने के बाद ईडी की टीम 30 से अधिक बैग में दस्तावेज और स्कैन किए गए रिकॉर्ड से संबंधित हार्ड डिस्क अपने साथ ले गई। बताया गया कि एजेंसी को जांच आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सामग्री मिली है।
कार्रवाई समाप्त होने तक गमाडा के किसी अधिकारी को ईडी द्वारा हिरासत में लिए जाने की पुष्टि नहीं हुई। हाउसिंग सेक्रेटरी विकास गर्ग समेत वरिष्ठ अधिकारी बाद में काम पर लौट आए। सूत्रों के अनुसार जब्त रिकॉर्ड की जांच के बाद संबंधित अधिकारियों को आने वाले दिनों में पूछताछ के लिए समन जारी किए जा सकते हैं। ईडी ने जांच के दौरान भूमि अधिग्रहण, सीएलयू की मंजूरियों, निजी डेवलपर्स से जुड़े मामलों और संपत्तियों की नीलामी से संबंधित दस्तावेज खंगाले। रिपोर्टों के मुताबिक मर्चेंट बैंकर के माध्यम से करीब 15 हजार करोड़ रुपये का ऋण जुटाने से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आया। एजेंसी इससे पहले रेमिगेट समेत कुछ अन्य मामलों से संबंधित रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले चुकी थी।
आप का प्रदर्शन, पुलिस ने कार्यालय में प्रवेश से रोका
गुरुवार को ईडी की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी के बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता गमाडा कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 400 प्रदर्शनकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन की अगुवाई आप के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अमनशेर सिंह शैरी कलसी ने की। विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और अन्य पार्टी नेता भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों के कार्यालय की ओर बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ लोगों ने ईडी के वाहनों पर पथराव किया, जिससे वाहनों के शीशे टूट गए। बाद में ईडी की टीम को पुलिस सुरक्षा में गमाडा कार्यालय से निकालकर चंडीगढ़ सीमा तक पहुंचाया गया।