summer express , जालंधर। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जालंधर में कार्रवाई करते हुए एक निजी पासपोर्ट एजेंट हरदीप कौर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एजेंट ने पासपोर्ट जल्द जारी करवाने के नाम पर पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों से संपर्क होने का दावा करते हुए रिश्वत की मांग की थी।
विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, यह कार्रवाई फिल्लौर तहसील के गांव कंडोला खुर्द निवासी एक महिला की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था और उसकी पुलिस वैरिफिकेशन भी पूरी हो चुकी थी। इसके बाद वह जालंधर स्थित पासपोर्ट कार्यालय में मूल दस्तावेज लेकर पहुंची। वहां संबंधित डीलिंग हैंड ने उसे बताया कि उसकी पुलिस वैरिफिकेशन क्लीयर नहीं हुई है।
प्रवक्ता के मुताबिक, कार्यालय से बाहर निकलने के बाद बूथ के पास निजी पासपोर्ट एजेंट एनपी सिंह और हरदीप कौर ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। दोनों ने कथित तौर पर पासपोर्ट अधिकारी के माध्यम से बिना पुलिस वैरिफिकेशन के पासपोर्ट जल्द जारी करवाने के लिए 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने बातचीत रिकॉर्ड कर ली और रिश्वत देने के बजाय विजिलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर से संपर्क कर मामले की जानकारी दी।
शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी से संपर्क करने के लिए कहा गया। इसके बाद दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में हरदीप कौर को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में नामजद दूसरे आरोपी नरिंद्र पाल सिंह उर्फ एनपी सिंह की गिरफ्तारी अभी बाकी है। विजिलेंस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है।