summer express,चंडीगढ़। हरियाणा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाने के लिए लागू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था अब बड़ी संख्या में तहसीलों में लागू हो चुकी है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से लोगों को तहसीलों के चक्कर लगाने, कागजी फाइलों और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल के अनुसार, पेपरलेस रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक 6.5 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं। इसके लिए करीब 140 प्रकार की डीड के मानकीकृत प्रारूप तैयार किए गए हैं। इससे दस्तावेज तैयार करने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पहले की तुलना में सरल बनाने का प्रयास किया गया है।
नई व्यवस्था में डिजिटल हस्ताक्षर, सुरक्षित प्रमाणीकरण और आधार आधारित प्रक्रिया को शामिल किया गया है। इसके तहत नागरिक बिचौलियों की मदद के बिना अपनी डीड ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकते हैं। सरकार के मुताबिक, डिजिटल व्यवस्था लागू करने के बावजूद सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ा है। वहीं स्टांप ड्यूटी से राज्य के राजस्व में करीब 9 से 10 प्रतिशत की वृद्धि होने का दावा किया गया है।
डीड की जांच और आपत्तियों को लेकर भी प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसी डीड को सुधार के लिए अधिकतम दो बार ही वापस भेजा जा सकेगा। मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि ऑनलाइन दस्तावेज जमा होने के बाद राजस्व अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उनकी जांच पूरी करनी होगी। इससे अनावश्यक देरी और बार-बार दस्तावेज लौटाए जाने की स्थिति को कम करने का प्रयास किया गया है।
सरकार अब विभिन्न कर छूट और प्रोत्साहनों की भी समीक्षा कर रही है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के अनुसार, इसका उद्देश्य यह आकलन करना है कि अलग-अलग रियायतों के पीछे नीतिगत उद्देश्य क्या है, उनसे कितना आर्थिक लाभ मिल रहा है और मध्यम अवधि में राज्य के राजस्व पर उनका क्या प्रभाव पड़ रहा है।
सरकार हरित विनिर्माण, सर्कुलर इकोनॉमी, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में लक्षित प्रोत्साहनों पर विशेष जोर देने की तैयारी में है। साथ ही कारोबारियों के लिए बार-बार नियमों में बदलाव करने के बजाय जरूरी संशोधनों को एक साथ नीति-पैकेज के रूप में लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि पेपरलेस रजिस्ट्री का उद्देश्य केवल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को नागरिकों के लिए अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाना है।