Summer express/बिलासपुर, सुभाष-: गोविंद सागर झील के स्थानीय मछुआरों ने बाहरी राज्यों से कम कीमत पर मछली लाकर बाजार में बेचने पर रोक लगाने की मांग उठाई है। दी गोविंद सागर फिशरीज को-ऑपरेटिव मार्केटिंग एंड सप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष विजय पाल और उपाध्यक्ष मुनीर अख्तर लाली ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाली सस्ती मछली के कारण स्थानीय मछुआरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मछुआरों का आंदोलन जारी रहेगा।विजय पाल ने कहा कि गोविंद सागर झील में बड़ी मात्रा में सिल्वर कार्प सहित अन्य प्रजातियों की मछलियां उपलब्ध हैं।
स्थानीय मछुआरे दिन-रात मेहनत कर मछली पकड़ते हैं, लेकिन उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर, बाहरी राज्यों से कम कीमत पर मछली पहुंचने के कारण स्थानीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। इसका सीधा असर मछुआरों की आय पर पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि मछली पकड़ने का कार्य करने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और इसी व्यवसाय से उनकी आजीविका चलती है। ऐसे में मछली का उचित दाम न मिलने से उनके सामने परिवार का खर्च चलाने की चुनौती खड़ी हो गई है।फेडरेशन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उनकी डायरेक्टर से बातचीत हुई है। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि मछुआरों की समस्याओं पर चर्चा के लिए संबंधित अधिकारियों और प्रतिनिधियों को फेडरेशन कार्यालय में बुलाया जाएगा। बैठक के दौरान समस्याओं के समाधान और स्थानीय मछुआरों के हितों को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।फेडरेशन पदाधिकारियों ने सरकार और संबंधित विभाग से बाहरी राज्यों से आने वाली सस्ती मछली की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण लगाने तथा स्थानीय मछुआरों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।