Summer express, राकेश, बंगाणा। हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जच्चा-बच्चा की मौत की घटना पर कुटलैहड़ के भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। भुट्टो ने कहा कि पिछले 15 दिनों में इस तरह की दूसरी घटना सामने आना चिंताजनक है और इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि किसी परिवार के लिए पत्नी, बेटी, बहन या मां को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। परिवार अस्पताल में बेहतर उपचार और नई खुशियों की उम्मीद लेकर पहुंचता है, लेकिन यदि उसे अपनों को खोकर लौटना पड़े, तो यह बेहद पीड़ादायक स्थिति होती है। जच्चा और नवजात की मौत केवल एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने भी गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर केवल दुख जताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
पूर्व विधायक ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले व्यवस्था परिवर्तन का नारा दिया गया था, लेकिन मौजूदा हालात में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगें, तो आम जनता भरोसा किस पर करे।
भुट्टो ने कहा कि सरकारी अस्पताल गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख सहारा हैं। ऐसे में इन संस्थानों में पर्याप्त डॉक्टर, विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, जरूरी चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि ऊना अस्पताल में हुई घटना की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की समीक्षा की जाए। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में स्पष्ट जवाब दे। जनता को केवल नारों से नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और जवाबदेह प्रशासन से राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दुखद घटना के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए जवाबदेही तय करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।