Summer express, राहुल चावला, धर्मशाला। पठानकोट-धर्मशाला बाईपास पर सुधेड़ के पास भूस्खलन से प्रभावित सड़क की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने 5.27 करोड़ रुपये की डीपीआर मंजूरी के लिए सरकार को भेजी है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। विभाग ने 31 दिसंबर तक समस्या के समाधान की दिशा में ठोस परिणाम हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
लोक निर्माण विभाग धर्मशाला के अधिशासी अभियंता चंद्रशेखर ने बताया कि सुधेड़ में भूस्खलन की समस्या वर्ष 2024 के बरसात के मौसम में सामने आई थी। इसके बाद जनवरी-फरवरी 2026 में सड़क की मरम्मत और पहाड़ी को स्थिर करने के लिए डीपीआर तैयार की गई। अस्थायी राहत के लिए ब्रेस्ट वॉल का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।
एचआरटीसी वर्कशॉप के पीछे से नीचे तक करीब 300 मीटर लंबे और 50 मीटर चौड़े क्षेत्र में पहाड़ी खिसकने की समस्या है। मानसून के दौरान लगातार मलबा गिरने के कारण निर्माण कार्य करना जोखिम भरा था। ऐसे में विभाग ने जेसीबी मशीन लगाकर मलबा हटाया और यातायात सुचारू रखने का प्रयास किया।
बरसात समाप्त होने के बाद विभाग ने प्रभावित क्षेत्र की दोबारा जांच शुरू कर दी है। ड्रोन सर्वे के साथ पहाड़ी की सफाई करवाई गई है और सीस्मिक रिफ्लेक्शन टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार है। इसके आधार पर जमीन के नीचे चट्टानों की स्थिति का पता लगाने में मदद मिलेगी।
चंद्रशेखर के अनुसार, भूस्खलन रोकने के लिए रीइन्फोर्स्ड सॉइल वॉल, पहाड़ी की एंकरिंग और ढलान को स्थिर करने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। विभाग आईआईटी मंडी और एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञों से भी सलाह लेगा। केंद्र की टीम ने भी प्रभावित स्थल का दौरा किया था। विशेषज्ञों ने जमीन के नीचे पानी के प्रवाह को भूस्खलन का संभावित कारण बताया है।
विभाग के अनुसार, अब तक मलबा हटाने, जेसीबी लगाने और ब्रेस्ट वॉल के निर्माण पर करीब सात से आठ लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। विभाग का प्रयास है कि तकनीकी जांच और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।