Summer express , बलिंदर कुमार, कैथल। कैथल की अनाज मंडियों में मौसम की दूसरी बारिश ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। वीरवार सुबह तेज बारिश शुरू होने के बाद मंडी परिसर में पानी भर गया, जिससे खुले में रखी धान की ढेरियां और बोरियां भीग गईं। कई जगह धान से भरे बैग पानी के बीच पड़े नजर आए। मंडियों में फसल का उठान नहीं होने और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण मंडियों में रखी लाखों मीट्रिक टन धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। धान की बोरियां पानी में भीगने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, मंडी परिसर में जलभराव के कारण फसल के लदान और उठान का काम भी प्रभावित होने की संभावना है। किसान, मजदूर और आढ़ती मंडियों में अव्यवस्थाओं के बीच परेशान दिखाई दिए।
जानकारी के अनुसार, वीरवार तड़के तेज बारिश शुरू हुई, जिसके बाद रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। इससे मंडियों में खुले में रखी धान की फसल भीग गई। पानी की निकासी बाधित होने के कारण धान की ढेरियों के नीचे भी पानी जमा हो गया। ऐसे में किसानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। मंडियों से समय पर धान का उठान नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में फसल खुले में पड़ी हुई है।
बारिश का असर केवल अनाज मंडियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खेतों में खड़ी धान की फसल में भी पानी भर गया। इससे खेतों में तैयार खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। यदि मौसम इसी तरह बना रहता है, तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
किसानों और आढ़तियों के सामने अब भीगी हुई फसल को सुरक्षित रखने और मंडियों से उसका जल्द उठान कराने की चुनौती है। मंडी परिसर में जलभराव तथा निकासी की समस्या ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं। ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द व्यवस्था सुधारेगा, ताकि धान को और नुकसान से बचाया जा सके।