Summer express, पानीपत। शहर के वार्ड-3 में देवी मंदिर के पास राधा फैक्ट्री के नजदीक दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल से घर लौट रहा दूसरी कक्षा का छात्र ऋतिक खुले नाले में गिर गया। करीब सात फीट गहरे नाले में बच्चे के गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे बाहर निकाला और उसकी जान बचा ली। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पिछले तीन महीनों में इस क्षेत्र में खुले नाले और गड्ढों में गिरने की यह चौथी घटना बताई जा रही है। लगातार हो रहे हादसों के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी है और उन्होंने नगर निगम तथा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार हादसे होने के बावजूद अधूरे निर्माण कार्यों और खुले नालों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों ने सुरक्षा इंतजामों की कमी पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की है। मामले में नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज राव ने कनिष्ठ अभियंता (जेई) परमिंदर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में नाले पर आवश्यक स्लैब नहीं लगाने और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करने में लापरवाही सामने आने की बात कही गई है।
मामले की विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त निगम आयुक्त विवेक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) नवीन और उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) वीरेंद्र मलिक को शामिल किया गया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में निर्माण कार्य में देरी, सुरक्षा प्रबंधों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी की पड़ताल की जाएगी।
देवी मंदिर से वधावा राम चौक होते हुए बरसत रोड तक नाले, सड़क और सीवर लाइन का निर्माण कार्य एक साल से अधिक समय से अधूरा पड़ा है। इसी क्षेत्र में 21 अगस्त को एक महिला खुले और टूटे नाले में गिर गई थी। नाले में पानी और कचरा भरा हुआ था। आसपास के दुकानदारों ने महिला को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई थी। इसके बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रहीं।
चार सितंबर को बरसत रोड के पास परशुराम कॉलोनी और विकास नगर क्षेत्र में खुदाई के कारण बने गहरे गड्ढे में दो बाइक सवार युवक गिर गए थे। इसी दिन रात को परशुराम कॉलोनी के पास मोबाइल पर बात करते हुए चल रहा एक अन्य युवक भी गड्ढे में गिर गया था। इन घटनाओं के बाद नगर निगम आयुक्त ने संबंधित जेई को निलंबित करने और एसडीओ तथा एक्सईएन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए थे। निर्माण एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी सामने आई थी।
नगर निगम के अनुसार, स्थानीय निवासियों और डेयरी संचालकों के विरोध तथा नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने की मांग के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। निगम ने निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग लगाने, जालियां लगाने और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद लगातार हादसे होने से इन उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि अधूरे नाले, सड़क और सीवर के काम को जल्द पूरा किया जाए तथा निर्माण स्थल के आसपास स्थायी सुरक्षा प्रबंध किए जाएं। लोगों का कहना है कि खुले नालों और गड्ढों के कारण पैदल चलने वालों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है। ऋतिक के नाले में गिरने की ताजा घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।