Summer express, चेन्नई। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के बीच राज्य सरकार ने मानसून से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अलर्ट के बाद तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने चेन्नई स्थित चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DMS) परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों और राहत कार्यों की समीक्षा की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन लगातार मौसम और जमीनी हालात पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक अधिकारियों, प्रभारी मंत्रियों और निगम कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से कई क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार जलभराव रोकने, प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही है।
अरुणराज के अनुसार, मुख्यमंत्री अधिकारियों से नियमित रूप से स्थिति की जानकारी ले रहे हैं और आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन की सक्रियता और बेहतर समन्वय के जरिए मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का सामना किया जाएगा।
इसी बीच, चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। उत्तरी चेन्नई के एननोर, तिरुवोट्टियुर और मनाली में बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों ब्रॉडवे, प्रकाशम सलाई, मन्नाडी और पैरीज़ कॉर्नर में भी पानी जमा होने की खबर है। कुछ स्थानों पर जलभराव का स्तर लगभग 30 सेंटीमीटर तक पहुंच गया।
एननोर पोर्ट क्षेत्र में 24 घंटे के दौरान 222.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। उत्तरी तटीय तमिलनाडु में घने संवहनी बादलों के कारण रातभर तेज बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) के अनुसार, उत्तरी तमिलनाडु और उससे सटे दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई है।
IMD ने 19 से 21 अक्टूबर के बीच कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 22 अक्टूबर से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने का अनुमान है, हालांकि कुछ इलाकों में 24 अक्टूबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के कर्मचारियों, आपदा प्रतिक्रिया दलों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को तैनात किया गया है। टीमें सड़कों से अवरोध हटाने, जलनिकासी व्यवस्था सुचारू रखने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को संचालित करने में जुटी हैं। प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
राज्य सरकार का कहना है कि संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखते हुए हालात की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि बारिश से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।