प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल,
Summer express/शिमला/ संजू-: भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस में गुटबाजी, पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की विरासत की अनदेखी, प्रदेश पर बढ़ते कर्ज और कर्मचारियों व पेंशनरों के लंबित भुगतान को लेकर सरकार को घेरा। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद वीरभद्र सिंह और उनके परिवार को भूल गई है। उन्होंने महिलाओं को 1500 रुपये देने, रोजगार उपलब्ध करवाने और किसानों-बागवानों से किए गए वादों को लेकर भी कांग्रेस से जवाब मांगा।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में गुटबाजी इस कदर बढ़ गई है कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी एकजुटता नजर नहीं आई। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यक्रम में गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर दोनों नेता इस आयोजन में क्यों शामिल नहीं हुए।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस नेता हर विधानसभा क्षेत्र में वीरभद्र सिंह की तस्वीर लेकर घूमते थे, लेकिन सत्ता हासिल करने के बाद पार्टी उन्हें और उनके परिवार को भूल गई। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली और वीरभद्र सिंह की विरासत के प्रति उसके रवैये पर सवालिया निशान बताया। कटासनी में स्टेडियम निर्माण का मुद्दा उठाते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2007 में वीरभद्र सिंह ने स्टेडियम का शिलान्यास किया था, लेकिन लगभग दो दशक बीतने के बाद भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार जाते-जाते स्टेडियम के लिए छह करोड़ रुपये देने की बात कर रही है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह के नाम पर बनने वाले इस स्टेडियम के लिए कम से कम 60 करोड़ या 100 करोड़ रुपये दिए जाने चाहिए थे। उन्होंने सवाल किया कि छह करोड़ रुपये में आखिर कितना निर्माण कार्य हो पाएगा। भाजपा सांसद ने इसे वीरभद्र सिंह की विरासत की अनदेखी से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सुक्खू सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि छोटे से राज्य पर 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज होना वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने प्रदेश को वित्तीय संकट की ओर धकेला है।
भाजपा सांसद ने दावा किया कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लगभग 8,555 करोड़ रुपये के भुगतान लंबित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन देनदारियों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना चाहिए। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों के भुगतान का मुद्दा गंभीर बना हुआ है, जबकि सरकार समोसे की सीआईडी जांच जैसे मामलों में उलझी रही। उन्होंने प्रतिबंधित जंगली मुर्गे से जुड़े मामले का उल्लेख कर भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पंचायतीराज चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी अनुराग ठाकुर ने निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद, नगर निगम और पंचायत चुनावों में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा है। उनके मुताबिक, सरकार अपनी चुनावी गारंटियां पूरी करने में विफल रही है और जनता ने मतदान के जरिए अपना जवाब दिया है।
उन्होंने चुनाव करवाने में देरी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस को हार का डर सता रहा था। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन में बीडीसी अध्यक्ष के चुनाव नहीं करवाए जाने का मुद्दा उठाकर उन्होंने इसे कांग्रेस की चुनावी आशंकाओं से जोड़ा।अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुनावी गारंटियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनका ‘खटाखट-खटाखट’ मॉडल अब खटारा हो चुका है और हिमाचल प्रदेश कर्ज के बोझ तले दब गया है। उन्होंने महिलाओं को 1,500 रुपये देने के वादे, पांच लाख नौकरियां उपलब्ध करवाने की गारंटी और किसानों-बागवानों से किए गए वादों पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हिमाचल प्रदेश के कई दौरे किए, लेकिन प्रदेश की जनता से किए गए वादों को लेकर जवाबदेही नहीं दिखाई। अनुराग ठाकुर ने पूछा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता क्यों नहीं मिली, रोजगार के अवसर क्यों नहीं बढ़े और बागवानों को उनकी उपज के उचित दाम क्यों नहीं मिले।अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को प्रदेश की जनता से किए गए वादों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गुटबाजी, अधूरी गारंटियां और बढ़ता कर्ज सरकार की विफलताओं को उजागर करते हैं। हालांकि, ये सभी आरोप भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से लगाए गए हैं।