Summer express, राकेश कुमार शर्मा, करनाल। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने दावा किया है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में हरियाणा से कम से कम एक लाख लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि देशभर से करीब 10 लाख लोगों के रैली में पहुंचने की उम्मीद है। शुक्रवार को करनाल पहुंचे राव नरेंद्र ने पार्टी के जिला अध्यक्षों, पूर्व विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
राव नरेंद्र ने कहा कि रैली को लेकर प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों में उत्साह है। पार्टी लगातार अलग-अलग जिलों में बैठकें कर रही है और संगठन के नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल और नूंह का दौरा करने के बाद शुक्रवार को करनाल, पानीपत और सोनीपत में पार्टी नेताओं के साथ चर्चा की गई। उनके अनुसार, लोग अपनी इच्छा से रैली में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
भाजपा नेताओं की ओर से राहुल गांधी पर युवाओं के मुद्दों को लेकर राजनीति करने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राव नरेंद्र ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किसानों, गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों, महिलाओं और युवाओं की आवाज उठा रहे हैं। जब सरकार जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब विपक्ष का दायित्व है कि वह इन सवालों को मजबूती से सामने रखे।
हरियाणा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के लगातार दौरों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करनाल आगमन को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बदलाव का माहौल बन रहा है और सरकार के प्रति लोगों में नाराजगी है। उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से हरियाणा के विधायकों के साथ व्यक्तिगत बैठक और केंद्रीय नेताओं के दौरों को भी इसी राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा। राव नरेंद्र ने वोट चोरी, एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के नाम काटे जाने की आशंका, महंगाई, बेरोजगारी, अपराध और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की।
दिवाली के सीजन में दिल्ली में रैली आयोजित करने पर व्यापारियों की आपत्तियों के सवाल पर राव नरेंद्र ने कहा कि इससे कारोबार को नुकसान के बजाय लाभ मिल सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि बड़ी संख्या में लोगों के दिल्ली पहुंचने से बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता अनुशासन बनाए रखेंगे और किसी तरह की अव्यवस्था नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली और हरियाणा के व्यापारी उनके अपने हैं और रैली में आने वाले लोग उनका सहयोग करेंगे।
गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 15 रुपये की वृद्धि को लेकर राव नरेंद्र ने कहा कि यह किसानों की लागत और उनकी समस्याओं के मुकाबले काफी कम है। उन्होंने इसे नाकाफी बताते हुए सरकार से गन्ने के दाम में अधिक बढ़ोतरी करने की मांग की। साथ ही उन्होंने बारिश से फसलों को हुए नुकसान और न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने के कारण किसानों को हो रही आर्थिक क्षति की भरपाई करने की भी मांग उठाई।
किसानों के प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि अपनी मांगों और अधिकारों के लिए आवाज उठाना किसानों का अधिकार है। यदि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देती तो धरना-प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
1 नवंबर की रैली में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी को लेकर राव नरेंद्र ने कहा कि सभी वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि रैली की तैयारियों को लेकर सभी नेता गंभीरता से काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह आयोजन कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की एकजुटता तथा लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे को उठाने का मंच होगा।
