Summer express, लुधियाना । जिले में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और रेत-बजरी की ढुलाई के दौरान नियमों की अनदेखी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। डिप्टी कमिश्नर एवं जिला मजिस्ट्रेट हिमांशु जैन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनन विभाग से अनुपालन प्रमाण पत्र (कम्प्लायंस सर्टिफिकेट) मिलने के बाद ही किसी माइनिंग साइट पर काम करने की अनुमति दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले संबंधित सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निर्देश दिए गए कि किसी भी खनन स्थल को सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संबंधी नियमों के पालन का प्रमाण पत्र मिले बिना संचालित नहीं किया जाएगा। प्रमाण पत्र के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित साइट पर निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा है। इसके बिना खनन करने और वहां से रेत-बजरी सहित अन्य खनिज सामग्री की ढुलाई पर रोक रहेगी।
खनन स्थलों से सामग्री ले जाने के लिए केवल खनन विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत टिप्परों को ही अनुमति होगी। सभी वाहनों पर वैध नंबर प्लेट, चालू जीपीएस ट्रैकर और सामग्री को ढकने के लिए तिरपाल होना अनिवार्य रहेगा। डीसी ने निर्देश दिए कि यदि कोई वाहन बिना नंबर प्लेट के खनन स्थल से बाहर निकलता पाया गया तो संबंधित साइट पर तैनात जूनियर इंजीनियर की जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। इसके अलावा किसी भी वाहन को उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक वजन की तौल पर्ची या फॉर्म-जे जारी नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने खनन सामग्री की ढुलाई के लिए वाहनों के मार्ग भी निर्धारित कर दिए हैं। टिप्पर और अन्य वाहन केवल स्वीकृत रास्तों पर ही चल सकेंगे। प्रत्येक वाहन की विंडस्क्रीन पर स्वीकृत मार्ग का नक्शा लगाना जरूरी होगा। ग्रामीण संपर्क सड़कों का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित ग्राम पंचायतों को भी इसकी जानकारी देनी होगी। डीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि खनन केवल स्वीकृत क्षेत्र और निर्धारित गहराई तक ही किया जा सकेगा।
सभी खनन स्थलों पर स्थायी सीमा पिलर लगाए जाएंगे और उनके जीपीएस निर्देशांक दर्ज किए जाएंगे। संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्रों में स्थित खनन स्थलों का दौरा कर इन पिलरों का स्वयं सत्यापन करेंगे। प्रत्येक साइट पर एक बड़ा सूचना बोर्ड लगाना भी अनिवार्य होगा, जिस पर ठेकेदार का पूरा विवरण, स्वीकृत क्षेत्रफल, अनुमति की अवधि और काम करने के निर्धारित समय की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।
खनन गतिविधियों के लिए समय-सीमा तय करते हुए प्रशासन ने आदेश दिए हैं कि खनन केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही किया जा सकेगा। सूर्यास्त के बाद लोडेड वाहनों को ग्रामीण संपर्क सड़कों से राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग तक पहुंचने के लिए अधिकतम एक घंटे की छूट मिलेगी। इसके बाद इन सड़कों पर खनन वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। पुलिस कमिश्नर लुधियाना और एसएसपी लुधियाना देहाती व खन्ना को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अवैध खनन पर निगरानी बढ़ाने के लिए सभी खनन स्थलों के प्रवेश और निकास द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा रात के समय निगरानी के लिए नाइट-विजन ड्रोन तैनात करने पर भी विचार किया जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशों पर तत्काल अमल करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन और परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।