Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:धर्मशाला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल त्रियुंड में बढ़ती अनधिकृत गतिविधियों और अवैध कब्जों पर वन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पर्यटन की आड़ में ट्रैक के आसपास किए जा रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अस्थायी शेड और मैगी पॉइंट्स बनाकर सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अब विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग राजस्व विभाग का सहयोग लेगा। अभियान आगामी 15 दिनों तक जारी रहेगा।
डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा ने बताया कि त्रियुंड में पर्यटकों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के नाम पर कुछ लोगों द्वारा अनधिकृत रूप से मैगी पॉइंट्स और अस्थायी शेड बनाए जा रहे हैं। विभाग ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए एक अस्थायी शेड को हटाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि त्रियुंड ट्रैक के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए राजस्व विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान वन विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रहेगी और अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई करेगी।वहीं, त्रियुंड में टेंट लगाने को लेकर भी विभाग ने नियम स्पष्ट किए हैं। डीएफओ के अनुसार, निर्धारित नियमों के तहत एक हेक्टेयर क्षेत्र में अधिकतम 80 टेंट लगाने की अनुमति है। त्रियुंड के विभिन्न स्थानों पर कुल 240 से अधिक टेंट लगाने की इजाजत नहीं है। करथानी और लाका में भी निर्धारित सीमा का पालन करना अनिवार्य है।अमित शर्मा ने बताया कि ऑपरेटर की तैनाती और टिकट व्यवस्था लागू होने के बाद अवैध टेंटिंग के मामलों में कमी आई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।