Summer express, मियामी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अदालत से बड़ा झटका लगा है। मियामी की एक संघीय अदालत ने शनिवार को ट्रंप की ओर से वॉल स्ट्रीट जर्नल और मीडिया कारोबारी रूपर्ट मर्डोक के खिलाफ दायर 10 अरब डॉलर के मानहानि मुकदमे को स्थायी रूप से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि ट्रंप की संशोधित याचिका में यह साबित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं कि अखबार ने उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण इरादे से गलत खबर प्रकाशित की थी।
अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज डैरिन गेल्स ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप यह स्थापित करने में नाकाम रहे कि प्रतिवादियों ने जानबूझकर या सच्चाई के प्रति घोर लापरवाही बरतते हुए मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित की। अदालत के मुताबिक, शिकायत में लगाए गए दुर्भावना के आरोप अस्पष्ट और निष्कर्षों पर आधारित हैं। मुकदमे को ‘विद प्रेजुडिस’ खारिज किए जाने का अर्थ है कि इसी मामले को दोबारा अदालत में दायर नहीं किया जा सकेगा।
यह विवाद वॉल स्ट्रीट जर्नल में पिछले साल प्रकाशित उस रिपोर्ट से जुड़ा था, जिसमें जेफ्री एपस्टीन के 50वें जन्मदिन पर तैयार किए गए एक एल्बम में कथित तौर पर ट्रंप के नाम से लिखे गए पत्र और एक चित्र का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस एल्बम के लिए सामग्री ब्रिटिश सोशलाइट घिसलेन मैक्सवेल ने एकत्र की थी। बताया गया था कि पत्र में नग्न महिला की एक हाथ से बनाई गई आकृति के भीतर संदेश लिखा हुआ था। इसके अंत में जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ एक रहस्यमय संदेश भी दिया गया था।
हालांकि, ट्रंप ने इस पत्र को लिखने से साफ इनकार किया था। उन्होंने अखबार की रिपोर्ट को झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मुकदमे में ट्रंप ने आरोप लगाया था कि अखबार और उसके पत्रकारों ने जानबूझकर गलत और अपमानजनक बयान प्रकाशित किए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और आर्थिक हितों को भारी नुकसान पहुंचा।