Summer express, रेवाड़ी। आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक छठ महापर्व को लेकर रेवाड़ी शहर और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूर्वांचल और बिहार मूल के लोगों के प्रमुख त्योहार को लेकर विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने छठ घाटों को तैयार करना शुरू कर दिया है। शहर में कई स्थानों पर स्थायी और कृत्रिम घाट बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु छठी मैया और सूर्यदेव की आराधना करेंगे।
पूर्वांचल छठ पूजा समिति की ओर से कोनसीवास रोड पर श्याम वाटिका के सामने छठ घाट तैयार किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि घाट निर्माण के साथ ही आयोजन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट के आसपास स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं और जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजन में शामिल होने के लिए शहर के गणमान्य लोगों और बाहर से आने वाले अतिथियों को निमंत्रण भेजने का सिलसिला भी जारी है।
समिति के अनुसार, 15 नवंबर को दोपहर बाद तीन बजे से अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके साथ ही भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। अगले दिन 16 नवंबर को सुबह चार बजे से उगते सूर्य को अर्घ्य देने का कार्यक्रम होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि कृत्रिम घाट इस तरह तैयार किए जा रहे हैं कि एक समय में 250 से अधिक श्रद्धालु पानी में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य दे सकें।
शहर के सेक्टर-एक स्थित सोलहराही तालाब में भी छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। यहां पूर्वांचल सेवा समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। महाराणा प्रताप चौक से पूजा स्थल तक सजावट और बिजली की रोशनी लगाने का काम चल रहा है। पूजा स्थल के आसपास सफाई अभियान चलाने के साथ कृत्रिम घाट को भी व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अलावा नई अनाज मंडी रेवाड़ी, धारूहेड़ा, भिवाड़ी और बावल सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में भी छठ पूजा के लिए घाट बनाए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इन सभी स्थानों पर करीब 500 घाट तैयार किए जाएंगे, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र होकर छठी मैया और सूर्यदेव की उपासना करेंगे। श्रद्धालु इस पर्व पर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना करेंगे।