Shimla, 30 July
शिमला के चौड़ा मैदान में स्थित हिम ईरा प्रीमियम स्टोर को लेकर एक बार फिर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार दलित नगर निगम की मासिक बैठक के दौरान संविधान की प्रति लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मांग की कि इस स्थान पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बुक कैफ़े स्थापित किया जाए और उनसे जुड़ी स्मृतियों को संरक्षित किया जाए।
रवि कुमार दलित ने आरोप लगाया कि इस स्थान पर 6 दिसंबर 2001 को तत्कालीन राज्यपाल स्व. सूरजभान द्वारा अंबेडकर पुस्तकालय का शिलान्यास किया गया था, लेकिन सरकारें बदलती रहीं और यह परियोजना अधर में लटकी रही। अब इस ऐतिहासिक स्थल पर हिम ईरा प्रीमियम स्टोर खोल दिया गया है, जो कि अंबेडकर के नाम पर किए गए वादों के विपरीत है।उन्होंने कहा कि एक बुक कैफ़े का उद्देश्य होता है ज्ञान का प्रचार और पुस्तक संग्रह। ऐसे में यदि नाम ‘अंबेडकर बुक कैफ़े’ रखा गया है तो उसकी आत्मा भी वही होनी चाहिए – न कि व्यावसायिक गतिविधियाँ। उन्होंने मांग की कि हिम ईरा स्टोर को हटाकर वहां केवल अंबेडकर से संबंधित साहित्य, विचारधारा और स्मृतियों को स्थान दिया जाए।रवि कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी मानसून सत्र के दौरान वे फिर से धरने पर बैठेंगे।