माछीवाड़ा साहिब | दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण स्पर्श भूमि पर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा झाड़ साहिब में गुरुवार रात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। गुरुद्वारे के सचखंड साहिब में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के तीन पावन स्वरूप आग की चपेट में आ गए।
घटना की जानकारी मिलते ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सदस्य हरजिंदर कौर पावत के पति हरजतिंदर सिंह बाजवा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आग की शुरुआत सचखंड में लगे विंडो एसी के कंप्रेसर फटने से हुई। इससे ऊपर लगे चंदोआ साहिब में आग लगी और नीचे स्थापित पावन स्वरूपों को भी नुकसान पहुँचा।
संगत में घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई और पूरा समुदाय रातभर गुरु साहिब का जाप करता रहा। शुक्रवार सुबह श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) से आए पांच सिंह साहिब ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मूल मंत्र का जाप और अरदास के बाद, आग से क्षतिग्रस्त तीन स्वरूपों को श्री गोइंदवाल साहिब भेज दिया।
पांचों सिंह साहिबों ने संगत और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों से अपील की कि भविष्य में सचखंड साहिब में एसी केवल प्रबंधक की उपस्थिति में ही चलाया जाए ताकि ऐसी घटनाएँ न हों। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब को पेश की जाएगी और वहां से आदेश मिलने पर संगत को सूचित किया जाएगा।
इस मौके पर डीएसपी समराला तरलोचन सिंह और शिरोमणि कमेटी के सदस्य, हलका मुख सेवादार, पूर्व जत्थेदार और अन्य प्रबंधक भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा एसी कंप्रेसर फटने के कारण हुआ।
संगत ने दिखाई तत्परता:
जब एसी कंप्रेसर फटा और धुआं फैल गया, तो नीचे दरबार हॉल में पाठ कर रहे बुजुर्ग बलबीर सिंह ने तुरन्त ग्रंथ साहिब की एक प्रति उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसे बचाया। इसके बावजूद, अन्य दो प्रतियाँ आग में क्षतिग्रस्त हो गईं।
गांव झाड़ साहिब के निवासी और संगत इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से गहरे दुखी हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पुलिस प्रशासन मिलकर पूरी घटना की जांच कर रहे हैं।