नई दिल्ली | इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET-DAVV) में जूनियर्स को धमकाने और होस्टल में तोड़फोड़ करने के मामले में एंटी-रैगिंग कमेटी ने सोमवार को जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें बताया गया कि सीनियर्स ने जूनियर छात्रों को आईईटी और डीएवीवी को बदनाम करने के लिए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए कहा।
सीनियर्स ने सोशल मीडिया का किया दुरुपयोग
जांच में सामने आया कि प्रत्येक जूनियर को दो-दो इंस्टाग्राम, X और फेसबुक अकाउंट से पोस्ट करने के लिए कहा गया था। सीनियर्स ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर जूनियर्स को निर्देश दिए और उन्हें धमकाया कि वे कैंपस के बाहर कैफे में आएं और मोबाइल व लैपटॉप साथ लाएं।
होस्टल में तोड़फोड़
सीनियर्स के इशारों पर जूनियर्स ने होस्टल में सीसीटीवी और डीवीआर को तोड़ा। एंटी-रैगिंग कमेटी ने वॉट्सऐप चैट का भी अध्ययन किया, जिसमें सीनियर्स ने होस्टल में नुकसान करने के निर्देश दिए थे। पूछताछ में आदर्श मकवाना, आदित्य शर्मा, अमन पटेल और विवेक शर्मा सहित अन्य सीनियर्स के नाम सामने आए।
कॉलेज और विश्वविद्यालय को बदनाम करने की कोशिश
जांच में यह भी पता चला कि सीनियर्स ने जूनियर्स से रोजाना दो-तीन पोस्ट करने और सोशल मीडिया पर संस्थान की छवि को प्रभावित करने के लिए कहा। एक संस्था द्वारा आयोजित गरबा कार्यक्रम के लिए टिकट बेचने और कैफे की बैठक को गोपनीय रखने की भी बात कही गई।
आगे की कार्रवाई
एंटी-रैगिंग कमेटी ने होस्टल में नुकसान के लिए जूनियर्स से वसूली करने की सिफारिश की है। वहीं, विश्वविद्यालय ने संस्थान को बदनाम करने के मामले में भंवरकुआं थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की है। मामले में पुलिस जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।