मंडी, धर्मवीर -:जल शक्ति विभाग के पैरा वर्कर सुक्खू सरकार की अनदेखी से बेहद नाराज़ हैं। वर्करों का कहना है कि वे पिछले आठ वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार अब तक उनके मानदेय बढ़ाने की मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी है।
कर्मचारी संघर्ष मोर्चा यूनियन (एमटीएस) के प्रदेश अध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि पैरा वर्कर अपनी मांगों को लेकर अब तक 68 बार सरकार को मांगपत्र सौंप चुके हैं, मगर उनका मुद्दा आज तक कैबिनेट के एजेंडे तक नहीं पहुंच पाया।
विवेक कुमार ने कहा कि पैरा वर्करों को मात्र ₹3,600 से ₹4,400 तक मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में गुजारे लायक भी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने चुनावों के समय जो वादे किए थे, उन्हें अब भुला दिया गया है।उन्होंने कहा कि पैरा वर्कर कोविड काल से लेकर 2023 और 2025 की आपदाओं तक लगातार ड्यूटी पर तैनात रहे, लेकिन उन्हें आज भी अस्थायी कर्मियों की तरह ट्रीट किया जा रहा है।यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण सहित अन्य मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेश भर के पैरा वर्कर शिमला में जोरदार धरना प्रदर्शन करेंगे।