चंडीगढ़ / कैथल | बार काउंसिल पंजाब एंड हरियाणा, चंडीगढ़ कार्यालय ने कैथल बार के अधिवक्ता विक्रम सिंह मुल्तानी को अनुशासन एवं विजिलेंस समिति (हरियाणा) का सदस्य नियुक्त किया है। इस संबंध में आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया है।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अधिवक्ता विक्रम सिंह मुल्तानी ने बार काउंसिल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करेंगे। उन्होंने कहा, “यदि कोई व्यक्ति वकील समुदाय के साथ गैरकानूनी या अनुचित व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जो अधिवक्ता स्वयं अनुशासन का पालन नहीं करते, उनके खिलाफ भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।”
मुल्तानी ने आगे कहा कि वह एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल का पूर्ण समर्थन करते हैं, क्योंकि यह वकीलों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।
बार काउंसिल पंजाब एंड हरियाणा का मुख्यालय चंडीगढ़ में स्थित है और यह संस्था दोनों राज्यों व केंद्रशासित प्रदेश में वकीलों के पंजीकरण, अनुशासनात्मक मामलों और लाइसेंसिंग प्रक्रिया की जिम्मेदारी निभाती है। संस्था समय-समय पर वकीलों के हितों की रक्षा और कानूनी पेशे की मर्यादा बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी करती है।
मुल्तानी ने बताया कि बार काउंसिल के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं —
- वकीलों का पंजीकरण और प्रैक्टिस लाइसेंस जारी करना
- अनुशासनहीनता या शिकायतों की जांच कर कार्रवाई करना
- समय-समय पर बार काउंसिल चुनावों का आयोजन करना
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को निर्देश दिया है कि वह पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल चुनावों की अधिसूचना 10 दिनों में जारी करे और 31 दिसंबर 2025 तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करे।
इस नई जिम्मेदारी के साथ, कैथल के अधिवक्ता विक्रम सिंह मुल्तानी से अपेक्षा की जा रही है कि वह राज्य में वकालत पेशे की गरिमा और अनुशासन को और सशक्त बनाएंगे।