कैथल | हरियाणा के कैथल जिले की अजीमगढ़ पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल दो आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवकों की पहचान पटियाला के नन्हेड़ा गांव निवासी गुरप्रीत सिंह और गुरदयालपुरा गांव के हरमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। हालांकि, पुलिस ने दोनों की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की हैं।
जांच के दौरान सामने आया कि 6 अप्रैल को गुरप्रीत ने ही चौकी पर ग्रेनेड फेंका था, जबकि हरमनप्रीत ने पूरे हमले का वीडियो बनाकर गुरप्रीत के गांव के युवक करण को भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, करण आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़ा हुआ है और अमेरिका में बैठे आतंकी हैप्पी पासियां और जीशान अख्तर के संपर्क में है। यही वीडियो बाद में विदेश में बैठे आतंकियों तक पहुंचा, जिसके बाद BKI ने सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
घटना के दिन सुबह अजीमगढ़ चौकी पर धमाका हुआ था। शुरूआती जांच में ज्यादा नुकसान नहीं मिला, लेकिन मौके से मिली राख और मिट्टी के नमूनों की जांच में विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि हुई थी। इसके बाद हरियाणा और पंजाब पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की थी।
पुलिस ने इस मामले में पहले भी कार्रवाई करते हुए छौत गांव के एक किशोर को हिरासत में लिया था, जिसने पूछताछ में बताया था कि यमुनानगर का हार्दिक कंबोज भी इस साजिश में शामिल था। हार्दिक को पंजाब पुलिस पहले ही जालंधर ग्रेनेड हमले के एक अन्य केस में गिरफ्तार कर चुकी है। यह ताजा गिरफ्तारी हरियाणा में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को लेकर पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।