चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों के लिए एक बड़ी सौगात की घोषणा की है। राज्य के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि महिलाओं को डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से एक लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
बैठक में मंत्री राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मार्च 2025 के बजट में घोषित सभी योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि लाभार्थियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक पशुपालक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचना चाहिए।
बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई —
- राज्य में बकरी और भेड़ पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- बीपीएल परिवारों को उच्च नस्ल की बकरियाँ और भेड़ें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
- भेड़-बकरी बीमा योजना को अगले वित्त वर्ष से पूरी तरह नि:शुल्क किया जाएगा।
- पशु चिकित्सा संस्थानों में दवाओं और उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
- गौशालाओं में सुविधाओं में सुधार के निर्देश भी दिए गए हैं।
मंत्री राणा ने कहा कि “बकरी का दूध औषधीय गुणों से भरपूर होता है, और इसके उत्पादन को बढ़ावा देने से ग्रामीण इलाकों की आमदनी में वृद्धि होगी।”
इसके साथ ही राज्य सरकार ने मंडियों में पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान अब तक सरकार किसानों के खातों में ₹14,336.92 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर कर चुकी है, जिससे 2.99 लाख पंजीकृत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ सुनिश्चित हुआ है। अब तक 61.48 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।