Shimla, 25 November-:हिंदी सिनेमा के ही-मैन कहलाने वाले धर्मेंद्र का पर्यटन नगरी मनाली से रिश्ता बेहद गहरा रहा है। फिल्मों की शूटिंग के बहाने शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे उनकी निजी पसंद में बदल गया। वे सिर्फ काम के लिए ही नहीं, बल्कि मनाली की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने और सुकून भरे पल बिताने के लिए महीनों तक यहां ठहरते थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि धर्मेंद्र का स्वभाव बेहद मिलनसार था और वे आम लोगों से भी बड़ी आत्मीयता से मिलते थे। यही वजह थी कि समय बीतने के बावजूद मनाली और यहां के लोग उन्हें याद करते रहे।
मनाली से जुड़ी कई यादें धर्मेंद्र की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। वर्ष 2021 में, जब वे लगभग दो दशक बाद यहां पहुंचे, तो उन्होंने अपनी पुरानी यादों को फिर से ताजा किया। इसी दौरान वे एक ऐसे परिवार से मिलने पहुंचे, जिसके सदस्य 60 वर्ष पहले उनके बड़े प्रशंसक रहे थे। हालांकि वह दंपती अब इस दुनिया में नहीं था, लेकिन धर्मेंद्र उनके परिवार से मिलकर भावुक हो उठे। यह मुलाकात स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बनी।अपने लंबे फिल्मी करियर में धर्मेंद्र ने मनाली और आसपास के इलाकों में कई लोकप्रिय फिल्मों की शूटिंग की। तहलका, जीने नहीं दूंगा, आदमी और इंसान और जब प्यार किया तो डरना क्या जैसी फिल्मों के कई दृश्य मनाली की वादियों में फिल्माए गए। शूटिंग के दौरान वे बेटे सनी देओल के साथ घूमने निकल जाते और पहाड़ों की ताज़गी का भरपूर आनंद लेते। मनाली के नाशाला क्षेत्र में सनी देओल द्वारा लिया गया एक कॉटेज उनके परिवार की छुट्टियों का पसंदीदा ठिकाना बन गया। वर्ष 2021 में धर्मेंद्र लगभग दो महीने तक इसी कॉटेज में रहे।
स्थानीय होटल व्यवसायी और अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित नकुल खुल्लर बताते हैं कि धर्मेंद्र बेहद जीवंत और मिलनसार इंसान थे। फिल्म जब प्यार किया तो डरना क्या की शूटिंग के दौरान वे उनके बड़ागढ़ रिज़ॉर्ट में ठहरे थे, जहां उनकी खुल्लर परिवार से खास दोस्ती हुई। धर्मेंद्र जब भी मनाली आते, खुल्लर के पिता से मिलने जरूर जाते। उनके इस स्नेहपूर्ण व्यवहार ने स्थानीय लोगों के दिलों में उनके प्रति सम्मान को और बढ़ाया।इसी तरह, बुजुर्ग रामलाल याद करते हैं कि तहलका फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी धर्मेंद्र से मुलाकात हुई थी, जो उनके लिए एक यादगार अनुभव बन गया।मनाली के प्रति धर्मेंद्र का प्रेम, उसका वातावरण, यहां की सादगी और लोगों की अपनत्व भरी भावनाएं—ये सब मिलकर इस खूबसूरत नगरी को उनके दिल के बेहद करीब ले आती थीं। यही कारण है कि काम हो या छुट्टियां, मनाली हमेशा धर्मेंद्र की पसंदीदा मंजिलों में शामिल रहा।