चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस ने पंजाब से सटे सिरसा, फतेहाबाद और डबवाली जिलों में नशा तस्करी के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। डेढ़ महीने से जारी इस विशेष ऑपरेशन ने तस्करों के नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुल 153 एनडीपीएस केस दर्ज किए गए और 347 से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए गए।
अभियान दो चरणों में चला। पहले चरण (1 सितंबर–15 अक्टूबर) में 257 गिरफ्तारियां हुई थीं, जबकि दूसरे चरण (16 अक्टूबर–30 नवंबर) में गिरफ्तारी का आंकड़ा बढ़कर 342 पहुंच गया। पुलिस ने दोनों चरणों में कुल 160 सप्लायरों की पहचान की और उनमें से 86 को दबोचा।
नशीले पदार्थों की जब्ती में बढ़ोतरी
पुलिस के अनुसार, इस अभियान में नशे की बरामदगी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई।
- हेरोइन : 1.215 किलोग्राम से बढ़कर 1.271 किलोग्राम
- अफीम : 11.97 किलोग्राम से बढ़कर 13.714 किलोग्राम
इसके साथ ही, नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए 27 मामलों में कुर्की की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो पहले चरण की तुलना में लगभग दोगुनी है।
23 मेडिकल स्टोरों पर ताला, अवैध दवा सप्लाई पर शिकंजा
कोडीन और ट्रामाडोल जैसी नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में शामिल पाए गए 23 मेडिकल स्टोरों को सील किया गया है। पुलिस का मानना है कि इन मेडिकल स्टोर्स के जरिए तस्कर दवाइयों की अवैध आपूर्ति कर रहे थे, जिस पर अब रोक लगा दी गई है।
पीड़ितों का पुनर्वास, नेटवर्क की कड़ी निगरानी
पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में 36 तस्करों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। साथ ही, अभियान के दौरान 1138 नशा पीड़ितों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए भेजा गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस तस्करों के बैंकिंग लेनदेन, यात्रा पैटर्न, मोबाइल रिकॉर्ड और नेटवर्क लिंक पर लगातार निगरानी रख रही है। सिंह ने स्पष्ट कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान अब और सख्ती के साथ जारी रहेगा ताकि हरियाणा को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।