Mandi, Dharamveer-:धर्मशाला में रैगिंग के बाद छात्रा की दुखद मौत के मामले ने प्रदेशभर में चिंता पैदा कर दी है। इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार से निष्पक्ष, गहन और गंभीर जांच की मांग की है। शुक्रवार शाम मंडी पहुंचे जयराम ठाकुर ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अलग-अलग और विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सच्चाई को सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पूरी पड़ताल होनी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा मिले और निर्दोषों के साथ अन्याय न हो।पूर्व मुख्यमंत्री ने मृतक छात्रा और उसके परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक समय है। दुख की इस घड़ी में पूरा प्रदेश पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज और शिक्षा संस्थानों के लिए गंभीर चेतावनी हैं।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि हाल के दिनों में हुई कई घटनाओं से यह साफ है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है, न कि जल्दबाजी में फैसले लेने की।
कॉलेज प्रोफेसर को सस्पेंड किए जाने के आदेशों पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिना पूरी जांच के किसी को दोषी ठहराना या कार्रवाई करना उचित नहीं है। इससे पहले डॉक्टर-मरीज मारपीट के मामले में भी सरकार ने जल्दबाजी दिखाई थी, जिससे स्थिति और बिगड़ी। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को हर मामले में संतुलित, निष्पक्ष और जिम्मेदार रवैया अपनाना चाहिए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।