पंचकूला। हरियाणा में पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित जांच प्रणाली के चलते राज्य का कन्विक्शन रेट बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुँच गया है। यह जानकारी हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित 68वीं स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक में दी।
डीजीपी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एससीआरबी, टेलीकॉम, एनआईसी, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट सहित विभिन्न तकनीकी व प्रशासनिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य पुलिसिंग से जुड़ी तकनीकी प्रणालियों की प्रगति की समीक्षा करना, चुनौतियों पर चर्चा करना और भविष्य की रणनीति तय करना रहा। इस दौरान CCTNS, ट्रेकिया सिस्टम, ई-साक्ष्य एप, ई-एफआईआर, ई-चालान, डेटा इंटीग्रेशन और विभागीय समन्वय जैसे अहम विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, लेकिन सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों व शाखाओं में तकनीकी कार्यों का स्वयं आकलन करें, कर्मचारियों से फीडबैक लें और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक तेजी से बदल रही है, ऐसे में पुलिस बल को भी लगातार अपडेट रहना होगा।
डीजीपी ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों का सफल क्रियान्वयन पूरी तरह तकनीकी दक्षता पर निर्भर है। हरियाणा इस दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। पहले जहाँ राज्य का कन्विक्शन रेट लगभग 35 प्रतिशत था, वहीं अब तकनीक आधारित, पारदर्शी और सबूतों पर केंद्रित जांच प्रणाली के चलते यह 86 प्रतिशत तक पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का नए कानूनों के प्रति अपडेट रहना और नियमित प्रशिक्षण लेना आवश्यक है।
बैठक में यह भी बताया गया कि CCTNS प्रणाली में हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। पिछले 54 महीनों में 40 बार देश में पहला स्थान हासिल करना राज्य की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। इस माह भी हरियाणा ने CCTNS में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। डीजीपी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों की सराहना करते हुए पिछड़ रहे जिलों की गहन समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
एसपी एससीआरबी नितिका गहलोत ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि NAFIS फिंगरप्रिंट सिस्टम से अपराधियों की पहचान पहले से कहीं अधिक तेज हुई है, वहीं ट्रेकिया सिस्टम ने वांछित अपराधियों और बेल जंपर्स को पकड़ने में बड़ी सफलता दिलाई है। CCTNS/ICJS राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा लगातार दो वर्षों से प्रथम स्थान पर है और 33 नागरिक सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर पारदर्शिता बढ़ाई गई है।
बैठक में एडीजीपी शिबास कविराज, एडीजीपी हरदीप दून सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने विभागों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर सुझाव रखे। बैठक सकारात्मक निष्कर्षों के साथ संपन्न हुई।