तेहरान | पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता जा रहा है। बुधवार रात इजराइली वायुसेना (IAF) ने ईरान के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर एक बड़ा हवाई हमला किया। इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन राइजिंग लायन” नाम दिया गया है, जिसमें 40 फाइटर जेट्स ने हिस्सा लिया और 100 से अधिक गाइडेड बम गिराए गए।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
इजराइली सैन्य कार्रवाई का फोकस ईरान की परमाणु सुविधाएं, मिसाइल निर्माण केंद्र, और एयर डिफेंस सिस्टम थे। जिन प्रमुख शहरों में हमले हुए उनमें शामिल हैं:
- तेहरान (राजधानी)
- नतांज (यूरेनियम संवर्धन केंद्र)
- अराक (भारी जल रिएक्टर)
- इस्फहान, शीराज और करमनशाह जैसे सैन्य ठिकाने
अराक रिएक्टर पर केंद्रित हमला
ईरान के IR-40 भारी जल रिएक्टर, जिसे ‘खोंदाब रिएक्टर’ के नाम से भी जाना जाता है, पर एक केंद्रीय हमला किया गया। यह रिएक्टर अब तक चालू नहीं हुआ था। IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) ने हमले की पुष्टि की है, लेकिन कहा कि कोई रेडियोधर्मी लीक नहीं हुआ है क्योंकि संयंत्र में फिलहाल कोई सक्रिय परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी।
इजराइली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, यह रिएक्टर परमाणु हथियार निर्माण के मकसद से बनाया गया था और अब इसे निष्क्रिय कर दिया गया है।
नतांज में भी भारी बमबारी
नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा है, पर भी हमले किए गए। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि वहां “विशेष परमाणु परियोजनाओं” पर काम हो रहा था। उल्लेखनीय है कि नतांज संयंत्र 2021 में भी एक साइबर हमले का निशाना बन चुका है।
इजराइल का उद्देश्य क्या है?
इजराइली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफ्फी डेफरिन ने बयान जारी करते हुए कहा, “हमारा मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचाना, मिसाइल नेटवर्क को नष्ट करना और इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।” उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में और हमले भी हो सकते हैं, क्योंकि अन्य लक्ष्यों को पहले से चिह्नित किया जा चुका है। इस कार्रवाई में एक एंटी-टैंक मिसाइल फैक्ट्री को भी ध्वस्त किया गया है, जहां से कथित तौर पर हथियार हिजबुल्ला को भेजे जाते थे।
ईरान की प्रतिक्रिया: हमला छोटा करार
ईरान की सरकारी मीडिया ने इस पूरे हमले को कम करके पेश किया है। उनके मुताबिक,”हमले से कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है और न ही कोई रेडिएशन रिसाव हुआ है। सभी प्रमुख संरचनाएं सुरक्षित हैं।” ईरानी अधिकारियों की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या जारी नहीं की गई है।