अमेरिका | यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ऐलान किया है कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच पहली त्रिपक्षीय बैठक 23 और 24 जनवरी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आयोजित होगी। यह बैठक तकनीकी स्तर पर होगी और रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद तीनों देशों के बीच पहली बार सीधे संवाद की मेज स्थापित होगी।
जेलेंस्की ने यह जानकारी दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अपने भाषण में दी। उन्होंने कहा कि भले ही यह बैठक तकनीकी स्तर की हो, लेकिन “बातचीत न होने से बेहतर है कि कम से कम संवाद तो हो।” उनका मानना है कि यह पहल युद्ध समाप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। बैठक दो दिन तक चलेगी और इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
इस घोषणा के तुरंत बाद जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीब एक घंटे तक मुलाकात हुई। ट्रंप ने इसे सकारात्मक और अच्छी बैठक बताया। जेलेंस्की के अनुसार पहले यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की, इसके बाद अमेरिकी टीम रूस जाएगी और वहां बातचीत करेगी।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बैठक में दोनों देशों की टीमों के काम और दस्तावेजों पर चर्चा हुई। उन्होंने यूक्रेन की एयर डिफेंस पर हुई मदद के लिए ट्रंप का धन्यवाद किया और एक नए पैकेज की अपील भी की।
जेलेंस्की ने इस पूरे घटनाक्रम पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हल्का-फुल्का तंज भी कसा। उन्होंने कहा, “आज हमारे लोग अमेरिकियों से मिल रहे हैं, फिर अमेरिकी रूसियों से मिलेंगे। यह कब होगा, यह साफ नहीं है। शायद पुतिन सो रहे हों।”
जेलेंस्की ने साफ कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए सभी पक्षों को समझौते के लिए कदम बढ़ाना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ यूक्रेन से ही समझौते की उम्मीद करना पर्याप्त नहीं है, रूस को भी आगे बढ़कर पहल करनी होगी। हालांकि, बातचीत का फॉर्मेट और तीनों देशों के अधिकारी आमने-सामने बैठक करेंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं है।