नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नासिक से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर पुराने विवाद का बदला लेने के इरादे से 16 वर्षीय नाबालिग ने तेज रफ्तार BMW कार से स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी। इस गंभीर हादसे में स्कूटर सवार दो युवक बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस के अनुसार आरोपी एक सरकारी अधिकारी का बेटा है और घटना को जानबूझकर अंजाम देने के संकेत मिले हैं।
यह वारदात शनिवार, 24 जनवरी को नासिक शहर के गंगापुर रोड क्षेत्र में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक उछलकर सड़क पर काफी दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद आरोपी कार समेत मौके से फरार हो गया। हालांकि, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने उसकी पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया।
पुराने विवाद से जुड़ा मामला
पुलिस जांच में सामने आया है कि घायल दोनों युवक आपस में दोस्त हैं और घटना के समय गंगापुर रोड से गुजर रहे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नाबालिग आरोपी ने उन्हें पहचान लिया था और BMW से पीछा करते हुए जानबूझकर स्कूटर को टक्कर मारी। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि तीनों के बीच पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का इरादा केवल डराने का नहीं, बल्कि गंभीर नुकसान पहुंचाने का था। इसी आधार पर मामले को गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है।
CCTV में कैद पूरी वारदात
घटना का पूरा दृश्य पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि एक लाल रंग की तेज रफ्तार BMW पीछे से आती है और स्कूटर को जोरदार टक्कर मार देती है। टक्कर लगते ही दोनों युवक सड़क पर गिर जाते हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर हैं।
हत्या के प्रयास का केस दर्ज
पीड़ित की शिकायत पर 25 जनवरी को गंगापुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी नाबालिग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 125 (दूसरों की जान खतरे में डालना) सहित मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। आरोपी को 26 जनवरी को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे सुधार गृह भेज दिया गया।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नाबालिग के पास BMW कार कैसे आई, वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और क्या घटना के बाद आरोपी को बचाने में किसी ने मदद की।