उधमपुर | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में भारत की सरजमीं पर कोई भी आतंकवादी हमला होता है, तो पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी समाप्त नहीं हुआ है और भारत आतंकवाद के खिलाफ हर प्रकार की जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजनाथ सिंह ने यह बात अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उधमपुर में उत्तरी कमान के जवानों संग योग सत्र में भाग लेने के बाद अपने संबोधन के दौरान कही। इस अवसर पर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी मौजूद रहे। बता दें कि यह जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा मंत्री की दूसरी यात्रा है। इससे पहले 15 मई को उन्होंने कश्मीर का दौरा किया था।
“पाकिस्तान को दिखा दिया भारत का असली चेहरा”
रक्षा मंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमने यह संदेश दे दिया है कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की एयर स्ट्राइक का ही विस्तार है। पाकिस्तान की ‘हजार घाव’ देने की नीति अब कभी सफल नहीं होगी।”
उन्होंने कहा कि इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने सीमा पार आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया और भविष्य में जरूरत पड़ी तो और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
संयम दिखाया, लेकिन क्षमता हमारे पास है
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत के पास और भी कई ठिकानों को तबाह करने की क्षमता थी, लेकिन देश ने संयम दिखाया। उन्होंने इस संयम का श्रेय योग को देते हुए कहा कि “योग शरीर को स्वस्थ और मस्तिष्क को शांत रखता है, जिससे क्रोध और शक्ति को नियंत्रित किया जा सकता है।”
पहलगाम हमले के पीछे थी गहरी साजिश
रक्षा मंत्री ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह महज एक आतंकी हमला नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य भारत की सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने कहा, “हमने न केवल उस साजिश को नाकाम किया, बल्कि ऐसी जवाबी कार्रवाई की जिससे पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़े।”
बता दें कि 6-7 मई की रात भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर जोरदार हमला किया था, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकी ढांचे ध्वस्त किए गए।