गोरखपुर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि योग सिर्फ एक स्वस्थ शरीर नहीं, बल्कि एक सशक्त और सकारात्मक मस्तिष्क भी प्रदान करता है। उन्होंने शुक्रवार सुबह गोरखपुर स्थित महंत दिग्विजय नाथ स्मृति भवन सभागार में सामूहिक योग सत्र में हिस्सा लिया और लोगों को संबोधित किया।
“योग भारतीय ऋषि परंपरा का अनुपम उपहार”
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, “योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा से निकला ऐसा अमूल्य मंत्र है, जो तन के साथ-साथ मन की भी शुद्धि करता है।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” को वैश्विक कल्याण की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
उन्होंने कहा कि “भारतीय दर्शन हमेशा से यह मानता आया है कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष जैसे चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति एक स्वस्थ शरीर के बिना संभव नहीं। योग इसी सेतु का काम करता है।”
हर कार्य के लिए जरूरी है अच्छी सेहत
मुख्यमंत्री ने कहा, “चाहे आध्यात्मिक साधना हो, सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना हो या फिर किसी सांस्कृतिक विरासत को आगे ले जाना हो — इन सभी का आधार एक स्वस्थ शरीर है। योग के माध्यम से व्यक्ति इन सभी क्षेत्रों में संतुलन और सफलता प्राप्त कर सकता है।”
योग के माध्यम से भारत ने दिखाया विश्व को मार्ग
गोरखपुर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि योग सिर्फ एक स्वस्थ शरीर नहीं, बल्कि एक सशक्त और सकारात्मक मस्तिष्क भी प्रदान करता है। उन्होंने शुक्रवार सुबह गोरखपुर स्थित महंत दिग्विजय नाथ स्मृति भवन सभागार में सामूहिक योग सत्र में हिस्सा लिया और लोगों को संबोधित किया।
“योग भारतीय ऋषि परंपरा का अनुपम उपहार”
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, “योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा से निकला ऐसा अमूल्य मंत्र है, जो तन के साथ-साथ मन की भी शुद्धि करता है।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” को वैश्विक कल्याण की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
उन्होंने कहा कि “भारतीय दर्शन हमेशा से यह मानता आया है कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष जैसे चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति एक स्वस्थ शरीर के बिना संभव नहीं। योग इसी सेतु का काम करता है।”
हर कार्य के लिए जरूरी है अच्छी सेहत
मुख्यमंत्री ने कहा, “चाहे आध्यात्मिक साधना हो, सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना हो या फिर किसी सांस्कृतिक विरासत को आगे ले जाना हो — इन सभी का आधार एक स्वस्थ शरीर है। योग के माध्यम से व्यक्ति इन सभी क्षेत्रों में संतुलन और सफलता प्राप्त कर सकता है।”
योग के माध्यम से भारत ने दिखाया विश्व को मार्ग
योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत ने योग को केवल अपने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे लोक कल्याण के माध्यम से वैश्विक कल्याण का साधन बनाया। “आज योग की शक्ति को पूरी दुनिया ने अपनाया है और यह भारत के सांस्कृतिक नेतृत्व का प्रमाण है,” उन्होंने कहा।