शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर चिंता गहराती जा रही है। पड़ोसी राज्यों से सटे जिलों के बाद अब राजधानी शिमला में भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले बढ़ने लगे हैं। खासकर ठियोग क्षेत्र में नशे के प्रसार को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। इसी के चलते जागरूक युवा मंच ठियोग के आह्वान पर सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और नशे के खिलाफ जनसंकल्प रैली निकाली।
युवा मंच की ओर से आयोजित सभा में स्पष्ट संदेश दिया गया कि युवाओं के भविष्य से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंच के अध्यक्ष अरुण चंदेल ने कहा कि क्षेत्र में नशे का जाल तेजी से फैल रहा है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है और गांवों की सामाजिक शांति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कई परिवार नशे की वजह से बिखर चुके हैं, जबकि कई घरों में भय और असुरक्षा का माहौल है।
आंदोलन को विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय कलाकारों का भी समर्थन मिला। आयोजकों ने इसे किसी एक संगठन का कार्यक्रम न बताते हुए जन-जन का अभियान करार दिया। उनका कहना है कि यह लड़ाई समाज के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा के लिए है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और सरकार से मांग की कि चिट्टे सहित अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मामलों की त्वरित जांच, फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई और दोषियों को सख्त सजा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाने तथा खुफिया तंत्र को मजबूत करने की भी अपील की गई।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि नशे के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।