अंबाला । अंबाला–चंडीगढ़ रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे ने इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के अनुरोध पर इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति देते हुए इसकी जानकारी पत्र के माध्यम से दी है।
एफएलएस को मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही सर्वे का कार्य शुरू किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसके आधार पर तीसरी व चौथी रेल लाइन के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रेलवे का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से अंबाला और चंडीगढ़ के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
फाइनल लोकेशन सर्वे के दौरान परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी। इसमें रेल लाइन की सटीक पैमाइश, मिट्टी की जांच, पुलों के स्थान, लागत का अनुमान और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसी सर्वे के आधार पर डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी, जो किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए सबसे अहम चरण माना जाता है।
अंबाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग इस क्षेत्र का बेहद व्यस्त रूट है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के लाखों लोग रोजाना इस मार्ग से यात्रा करते हैं। मौजूदा समय में इस रूट पर केवल दो रेल लाइनें होने के कारण ट्रेनों में यात्रियों का दबाव अधिक रहता है। नई दो लाइनों के बनने से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर व सुविधाजनक यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
इसके अलावा डेराबस्सी से जीरकपुर बाइपास तक लगभग 10 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे बनाने की भी योजना है, जिससे सड़क मार्ग से सफर करने वालों को भी राहत मिलेगी और ट्रैफिक दबाव कम होगा।