Summer Express, सिरसा | हरियाणा में छात्रों के बढ़ते स्कूल ड्रॉपआउट को लेकर सांसद कुमारी सैलजा ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में बच्चे विभिन्न कारणों से बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं, जो शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है।
कुमारी सैलजा ने हरियाणा शिक्षा निदेशालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान प्रदेश में लगभग 5.5 लाख छात्रों ने स्कूल छोड़ दिया। इनमें करीब 2.58 लाख विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से और लगभग 2.91 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुके हैं। उनके अनुसार यह केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि ड्रॉपआउट के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों की कमी, स्कूलों की अधिक दूरी, आर्थिक समस्याएं, परिवारों का रोजगार के लिए पलायन और अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
सांसद सैलजा ने विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल दूर होने, परिवहन सुविधाओं की कमी और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कई परिवार अपनी बेटियों की पढ़ाई आगे नहीं बढ़ा पाते, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। सैलजा का कहना है कि समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाना बेहद जरूरी है, ताकि बच्चों को पढ़ाई बीच में छोड़ने की नौबत न आए।