हरियाणा में समय से पहले पहुंचा मानसून, कई जिलों में तेज बारिश से मौसम हुआ सुहाना

Karuna
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Summer Express - हरियाणा में समय से पहले पहुंचा मानसून, कई जिलों में तेज बारिश से मौसम हुआ सुहाना

चंडीगढ़ | हरियाणा में इस बार मानसून ने समय से पांच दिन पहले ही दस्तक दे दी है। आमतौर पर मानसून 29 जून के आसपास राज्य में पहुंचता है, लेकिन इस बार 24 जून को ही मानसूनी बादलों ने सूबे में एंट्री कर ली। सोमवार से ही करनाल, पानीपत, यमुनानगर और हिसार समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे मौसम में जबरदस्त बदलाव आया है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर में आज तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं करनाल, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में लगातार बारिश रिकॉर्ड की जा रही है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में औसतन 5.9 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिसमें सबसे ज्यादा बारिश कुरुक्षेत्र में हुई। बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है।

तापमान में आई गिरावट, गर्मी से राहत

राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारा अब 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। सबसे गर्म सिरसा रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि करनाल सबसे ठंडा रहा – यहां दिन का तापमान महज 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून सीजन के दौरान हरियाणा में औसतन 438 मिमी बारिश होती है। इस बार 114% यानी करीब 475 मिमी बारिश होने का अनुमान है। 1 से 24 जून के बीच अब तक 38.7 मिमी वर्षा हो चुकी है।

आगे कहां-कहां होगी बारिश?

  • 25 जून को करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला में 75-100% तक बारिश की संभावना जताई गई है। बाकी जिलों में 50-75% तक बारिश हो सकती है।
  • 27 जून को गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, सिरसा और फतेहाबाद में 50-75% तक वर्षा के आसार हैं।
  • 28 जून को सिरसा, फरीदाबाद, पलवल, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र और करनाल में 25-50% तक, जबकि पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, झज्जर और मेवात में 50-75% तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को सलाह दी है कि मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतें और मौसम अपडेट पर नज़र रखें। मानसून की शुरुआती बारिश जहां खेती के लिए फायदेमंद है, वहीं जलभराव वाले इलाकों में सतर्कता जरूरी है।

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