शिमला , संजू -:हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद पार्टी अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। इसी दिशा में 21 से 30 अप्रैल तक धर्मशाला में एक बड़ा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसे संगठन सृजन अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इस शिविर में राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और जम्मू-कश्मीर के जिला अध्यक्ष भी भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को अधिक प्रभावी तरीके से जनता से जुड़ने के लिए प्रशिक्षित करना है। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान पदाधिकारियों को गांवों में जाकर सीधे संवाद स्थापित करने, जनसमस्याओं को समझने और पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन अब पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और कार्यकारिणी का हर स्तर पर समन्वय देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का फोकस केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना भी प्राथमिकता है।
संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर समन्वय बना हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि इसी तालमेल के दम पर पार्टी आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने आगामी पंचायती राज चुनावों को बेहद अहम बताते हुए इसे अगले विधानसभा चुनावों का ‘सेमीफाइनल’ करार दिया। उनके अनुसार, इन चुनावों के परिणाम राज्य की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे और कांग्रेस इन चुनावों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राज्य के हालिया बजट पर टिप्पणी करते हुए विनय कुमार ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण है, ऐसे में बजट में किए गए प्रावधानों का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा, जिससे कांग्रेस की स्थिति और मजबूत होगी।इसके अलावा, आगामी चार नगर निगम चुनावों को लेकर भी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। विनय कुमार ने कहा कि टिकट वितरण में विशेष सावधानी बरती जाएगी और केवल जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारा जाएगा, ताकि किसी भी तरह की आंतरिक कलह से बचा जा सके।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल गुटबाजी का शिकार है और उसके नेता आपसी मतभेदों के चलते बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेता वहां अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें खुद नहीं पता कि वे किस गुट के साथ खड़े हैं।कुल मिलाकर, कांग्रेस इस प्रशिक्षण शिविर के जरिए संगठन को नई दिशा देने और आगामी चुनावों के लिए मजबूत आधार तैयार करने की कोशिश में जुटी हुई है.