Summer express,रोहतक | रोहतक जिले के किलोई खास और रुड़की गांव में लगी भीषण आग ने किसानों के सपनों को महज 45 मिनट में राख कर दिया। अज्ञात कारणों से भड़की आग ने तेज हवाओं के चलते विकराल रूप ले लिया और करीब साढ़े 34 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में सात किसानों की पूरी फसल नष्ट हो गई।
आग लगने की सूचना मिलते ही खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब 15 से अधिक ट्रैक्टरों की मदद से खेतों की जुताई कर आग को आगे फैलने से रोका गया, जिससे बड़े नुकसान को टालने में आंशिक सफलता मिली।
किलोई खास के किसान सुरेंद्र हुड्डा ने बताया कि जैसे ही आग लगने की खबर मिली, आसपास के किसान तुरंत जुट गए। किसी ने पेड़ों की टहनियों से आग बुझाने की कोशिश की तो किसी ने ट्रैक्टर चलाकर फायर लाइन बनाई। बावजूद इसके, किलोई खास में 32.5 एकड़ और रुड़की में करीब 2 एकड़ फसल जलकर नष्ट हो गई।
प्रभावित किसानों में दीपक (11 एकड़), नरेंद्र (9 एकड़), सुरेंद्र और राजेश (4-4 एकड़), प्रकाश (4.5 एकड़) तथा ओमबीर और जोगिंद्र (2-2 एकड़) की गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर फसल की बुवाई की थी, लेकिन इस हादसे ने उनकी छह महीने की मेहनत पर पानी फेर दिया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब सवा 12 बजे आग पर काबू पाया गया। किसान सभा के पदाधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, हालांकि तेज हवाओं ने आग को तेजी से फैलाया।
किसानों ने प्रशासन से नुकसान की भरपाई की मांग की है। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन खेतों में आग लगी, वहां से कोई बिजली लाइन नहीं गुजरती, जिससे शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार किया गया है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
जिला अग्निशमन अधिकारी ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि खेतों में स्प्रे मशीन सक्रिय रखें, सोलर ट्यूबवेल चालू स्थिति में रखें और फसल को बिजली के तारों के नीचे जमा न करें। आग लगने की स्थिति में तुरंत 112 या 101 नंबर पर सूचना देने की अपील की गई है।
गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में जिले के भैयापुर, लाढ़ौत, गांधरा, किलोई खास और रुड़की समेत कई गांवों में आग की घटनाओं से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।