Facebook-f Youtube X-twitter

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: हिमाचल में एमएसपी बढ़ोतरी से किसानों को राहत

शिमला, 21 अप्रैल -:हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक पद्धति से उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। इस निर्णय से राज्य के हजारों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और प्राकृतिक खेती को अपनाने के प्रति किसानों का रुझान और बढ़ेगा।

सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं की एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी गई है। मक्की की एमएसपी में भी वृद्धि करते हुए इसे 40 रुपये से 50 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। चम्बा जिले की पांगी घाटी में उत्पादित जौ की एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी गई है। इसके अतिरिक्त कच्ची हल्दी के दाम में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। वहीं, प्राकृतिक रूप से उगाई गई अदरक को 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने का निर्णय लिया गया है।

राज्य सरकार ने राजीव गांधी प्राकृतिक खेती प्रोत्साहन योजना के तहत इस वर्ष व्यापक खरीद योजना तैयार की है। इसके अंतर्गत लगभग 2,000 किसानों से 400 मीट्रिक टन गेहूं, 250 मीट्रिक टन मक्की, 150 मीट्रिक टन कच्ची हल्दी और 30 मीट्रिक टन जौ खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अदरक की खरीद के लिए भी अलग से आकलन किया जा रहा है। इस पूरी योजना के लिए राज्य सरकार ने 6.95 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है, जिससे प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को स्थिर बाजार और उचित मूल्य मिल सके।मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार रसायन-मुक्त और सतत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग ने वर्ष 2026 तक एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है, जो राज्य में टिकाऊ कृषि प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में दो लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं, जिनमें से लगभग 1.98 लाख किसानों को प्रमाणित भी किया जा चुका है। राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है और करीब 53.95 प्रतिशत लोग प्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर हैं। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 14.70 प्रतिशत है, जो इसकी आर्थिक महत्ता को दर्शाता है।मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि किसान-केंद्रित नीतियां और नवाचार आधारित पहलें भविष्य में भी जारी रहेंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित होगी।

Chandrika

chandrika@summerexpress.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

निजी बसों में भी लागू होंगे पास और रियायती किराए के नियम, परिवहन विभाग ने दिए सख्त आदेश

Summer express, रेवाड़ी | हरियाणा के रेवाड़ी में स्टेट कैरिज स्कीम के तहत चलने वाली निजी बसों पर अब सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इन बसों में भी रोडवेज की तरह सभी पास और रियायती किराया सुविधाएं अनिवार्य रूप से लागू करनी...

संगरूर में स्वर्णकार नेता के घर पेट्रोल बम हमला, CCTV में कैद वारदात से फैली दहशत

Summer express, संगरूर | पंजाब के संगरूर जिले के शिवपुरी मोहल्ले में उस समय सनसनी फैल गई, जब स्वर्णकार एसोसिएशन धूरी के प्रधान दर्शन सिंह खुरमी के घर पर पेट्रोल बम से हमला कर दिया गया। इस हमले के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब दर्शन...

बंगाल चुनाव से पहले हिंसा: ISF उम्मीदवार अराबुल इस्लाम पर जानलेवा हमला, इलाके में तनाव

Summer express, कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सभी दल जहां जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं, वहीं इस बीच हिंसा की एक गंभीर घटना सामने आई है। ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (ISF) के उम्मीदवार अराबुल इस्लाम पर अज्ञात...

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: हिमाचल में एमएसपी बढ़ोतरी से किसानों को राहत

शिमला, 21 अप्रैल -:हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक पद्धति से उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। इस निर्णय से राज्य के हजारों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और...

राष्ट्रपति निवास मशोबरा में राष्ट्रपति दौरे के चलते 2 मई तक पर्यटकों का प्रवेश बंद

शिमला, 21 अप्रैल:-मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास को आगामी 2 मई 2026 तक आम पर्यटकों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भारत के माननीय राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके और सभी...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.