धर्मशाला बॉयज स्कूल का दर्जा घटाने पर बवाल, अभिभावकों ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग

Chandrika
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Summer Express - धर्मशाला बॉयज स्कूल का दर्जा घटाने पर बवाल, अभिभावकों ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग

धर्मशाला, राहुल -:धर्मशाला में करीब सौ साल पुराने बॉयज स्कूल को सीनियर सेकेंडरी से घटाकर हाई स्कूल करने के निर्णय पर अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मंगलवार को बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल परिसर पहुंचे और स्कूल प्रबंधन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस फैसले पर आपत्ति जताई।

अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने एनसीसी, बेहतर लैब, स्मार्ट क्लासरूम और अन्य सुविधाओं को देखते हुए अपने बच्चों का दाखिला इस स्कूल में करवाया था। अब अचानक स्कूल का स्तर घटाने और बच्चों को दूसरे स्कूल में भेजने के फैसले से उन्हें परेशानी हो रही है।बैठक के दौरान उपनिदेशक उच्च शिक्षा कमलेश कुमारी भी मौके पर पहुंचीं और अभिभावकों से बातचीत कर स्थिति समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को नए माहौल में ढलने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, लेकिन अभिभावक इस बदलाव को लेकर असमंजस में हैं।अभिभावकों ने बताया कि पहले स्कूलों के मर्जर और फिर उन्हें अलग करने के फैसलों ने पहले ही भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। अब बॉयज स्कूल को हाई स्कूल बना देने से बच्चों की पढ़ाई का क्रम भी प्रभावित होगा, खासकर वे छात्र जो अलग-अलग बोर्ड (HP Board और CBSE) के बीच बदलाव झेलेंगे।

कुछ अभिभावकों ने कहा कि यह स्कूल न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि यहां दिव्यांग बच्चों के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में इसका दर्जा घटाना सही नहीं है। उनका कहना है कि स्कूल को अपग्रेड किया जाना चाहिए, न कि डाउनग्रेड।

अभिभावकों की मुख्य मांगें:बॉयज स्कूल को दोबारा सीनियर सेकेंडरी बनाया जाए

पहले से दाखिला ले चुके छात्रों की पढ़ाई उसी स्कूल में जारी रखी जाए

सत्र के बीच ऐसे फैसले लेने से बचा जाए

वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि अभिभावक अपने बच्चों को सीबीएसई पैटर्न में पढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट होना होगा, जबकि बॉयज स्कूल अब हाई स्कूल के रूप में संचालित होगा।फिलहाल, अभिभावकों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगे भी विरोध जारी रखेंगे।

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