Summer express, चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही सोमवार को शुरू हुई, लेकिन शुरुआत से ही सियासी टकराव देखने को मिला। कांग्रेस ने सत्र को असंवैधानिक बताते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया और विधानसभा परिसर के बाहर समानांतर बैठक आयोजित की।
विशेष सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह सत्र संवैधानिक मानकों के अनुरूप नहीं है और पार्टी इस मुद्दे को राज्यपाल के समक्ष उठाएगी।
वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद महिला सशक्तिकरण से जुड़ा प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का समग्र विकास तभी संभव है, जब महिलाओं को समान अधिकार और अवसर मिलें। सीएम ने विपक्ष के वॉकआउट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के हित से जुड़े मुद्दे पर भी विपक्ष का रवैया निराशाजनक है।
दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस के निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने सदन में मौजूद रहकर प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और ऐसे प्रस्ताव का विरोध नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के बहिष्कार के फैसले पर भी सवाल उठाए।
इस विशेष सत्र में हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश किए जाने की भी तैयारी है, जिसके तहत ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर प्रमोशन कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। फिलहाल, सत्र को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।