Summer express, चंडीगढ़ | महिला आरक्षण कानून की चर्चा के बीच अब इसका असर जमीनी राजनीति में भी साफ नजर आने लगा है। हरियाणा के निकाय चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों ने टिकट वितरण में महिलाओं को प्राथमिकता देकर बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करीब 40 प्रतिशत, जबकि कांग्रेस ने लगभग 60 प्रतिशत महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा ने 117 सीटों में से 47 सीटें महिलाओं को दी हैं, वहीं कांग्रेस ने अब तक घोषित 45 उम्मीदवारों में से 27 महिलाओं को टिकट दिया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से कुछ सीटों पर अभी उम्मीदवारों की घोषणा बाकी है, जिससे अंतिम आंकड़े में बदलाव संभव है।
जिलेवार स्तर पर भी महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है। भाजपा ने अंबाला, रेवाड़ी, पंचकूला और सोनीपत जैसे जिलों में बड़ी संख्या में महिला प्रत्याशियों को मौका दिया है। वहीं कांग्रेस ने भी पंचकूला, अंबाला और सोनीपत सहित कई क्षेत्रों में महिलाओं पर भरोसा जताया है। मेयर और नगर परिषद स्तर पर भी महिला उम्मीदवारों की भागीदारी उल्लेखनीय रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक है। अब राजनीतिक दल महिला मतदाताओं के साथ-साथ महिला नेतृत्व को भी सशक्त करने पर ध्यान दे रहे हैं। यह रुझान भविष्य की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का संकेत देता है।
उधर, कांग्रेस 26 अप्रैल को अपना निकाय चुनाव घोषणा पत्र जारी करेगी, जिसमें शहरी विकास, सफाई, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।