शिमला, संजू -:यादवेन्द्र गोमा ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश में खेलों के विकास के लिए विशेष पैकेज और आधुनिक सुविधाओं की मांग उठाई है। यह मांग युवा मामले एवं खेल मंत्रियों का चिंतन शिविर के दौरान सामने आई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने की।शिविर में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों ने भाग लिया, जहां खेल नीतियों को मजबूत बनाने, केंद्र-राज्य समन्वय बढ़ाने और “फिट इंडिया” अभियान को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। हिमाचल का प्रतिनिधित्व करते हुए गोमा ने प्रदेश की खेल संभावनाओं और चुनौतियों को प्रमुखता से रखा।
गोमा ने मांडविया से मुलाकात कर उन्हें हिमाचली शाल और टोपी भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु विशेष वित्तीय सहायता की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियां खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बेहद उपयुक्त हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधनों के अभाव में खिलाड़ी पिछड़ जाते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से किन्नौर, लाहौल-स्पीति और धर्मशाला में हाई-एल्टीट्यूड प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों में ऐसे केंद्र बनने से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सकेगी और उनकी शारीरिक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।गोमा ने यह भी कहा कि इन केंद्रों से न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य के खेल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए शीघ्र कदम उठाए जाएं।