Sumnerexpress /धर्मशाला,राहुल चावला-:जिला कांगड़ा और चंबा में सड़क निर्माण कार्य इन दिनों बिटुमेन की बढ़ती कीमतों के कारण प्रभावित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 (PMGSY-3) के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में टॉरिंग का काम ठेकेदारों के लिए चुनौती बन गया है। बढ़ी हुई लागत के चलते कई ठेकेदार निर्धारित समय में कार्य पूरा करने में असमर्थ नजर आ रहे हैं।
ई. विकास सूद ने जानकारी देते हुए बताया कि कांगड़ा और चंबा जिलों में पीएमजीएसवाई-3 के तहत कुल 80 सड़कों और 13 पुलों को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 50 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 30 सड़कों पर काम जारी है। हालांकि इन परियोजनाओं में टॉरिंग का कार्य अभी बाकी है, जो बिटुमेन के दाम सामान्य होने के बाद ही पूरा हो पाएगा।उन्होंने बताया कि देहरा और नूरपुर सर्कल में सड़क निर्माण के लिए आधुनिक फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह तकनीक अपेक्षाकृत जटिल है, जिसके चलते कार्य की गति प्रभावित हुई है। वहीं, पालमपुर और चंबा क्षेत्रों में जहां पारंपरिक तकनीक का उपयोग हुआ, वहां अधिकांश कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
परियोजना के तहत जिला कांगड़ा में 57 सड़कों और 12 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि चंबा में 23 सड़कों और एक पुल को स्वीकृति मिली थी। इन परियोजनाओं के लिए कुल 832 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जाना है।मरम्मत और रखरखाव कार्यों पर भी विभाग ने विशेष ध्यान दिया है। चंबा में 73 किलोमीटर और कांगड़ा में 406 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत को स्वीकृति मिली थी। बरसात के कारण आई दिक्कतों के बावजूद विभाग ने 66 करोड़ रुपये खर्च कर लगभग 480 किलोमीटर सड़कों पर टॉरिंग का कार्य पूरा किया है। इसके अलावा नई बनी 223 किलोमीटर से अधिक सड़कों पर भी 31 करोड़ रुपये की लागत से टॉरिंग की गई है।अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही बिटुमेन के दाम स्थिर होंगे, शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा।