राहुल चावला , धर्मशाला-: जिला कांगड़ा और चंबा में लगे आठ हजार के करीब सभी सरकारी बिजली कनेक्शन को प्रीपेड कर दिया गया है। हालांकि सभी सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शन प्रीपेड कर दिए गए हैं, लेकिन आम जनता से सीधे तौर पर जुड़े होने के चलते स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग में प्रीपेड व्यवस्था के तहत डिसक्नेशन पावर को सेंट्रलाइजड रखा गया है, क्योंकि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जनता स्वास्थ्य विभाग पर, जबकि पेयजल के लिए जल शक्ति विभाग पर आश्रित होती है, ऐसे में प्रीपेड व्यवस्था के तहत यदि इन दोनों विभागों के मीटर डिसकनेक्ट होते हैं तो इसका खामियाजा जनता को ही भुगतना पड़ेगा, ऐसे में प्रीपेड व्यवस्था में इन दो विभागों को डिसक्नेशन में छूट का प्रावधान किया गया है।
दोनों जिलों में लगेंगे साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर
विद्युत बोर्ड कांगड़ा जोन के चीफ इंजीनियर ई. अजय गौतम ने बताया कि जिला कांगड़ा और चंबा में साढ़े सात लाख के लगभग स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिनका कार्य आगामी छह माह में पूरा कर लिया जाएगा, क्योंकि यह केंद्र की योजना है, जिससे विद्युत बोर्ड की ग्रांट बंधी हुई हैं। उन्होंने बताया कि साढ़े सात लाख में से 8 हजार के करीब सरकारी विद्युत कनेक्शन शामिल हैं, जिन्हें प्रीपेड में कन्वर्ट कर दिया गया है। हालांकि सभी सरकारी विभागों के विद्युत कनेक्शन प्रीपेड में कन्वर्ट कर दिए गए हैं, लेकिन जिन विभागों के साथ सीधे तौर पर आम जनता के हित जुड़े होते हैं, उन विभागों को प्रीपेड में छूट भी रहेगी, जिनमें स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग शामिल हैं।
हेल्थ, जेएसपी का अचानक न हो डिसक्नेशन, इसका रखा ध्यान
बकौल चीफ इंजीनियर स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता के लिए जरूरी हैं। वहीं जल शक्ति विभाग की वाटर लिफ्टिंग स्कीम के लिए प्रीपेड कनेक्शन में डिसकनेक्शन की पावर को विद्युत बोर्ड ने सेंट्रलाइजड रखा है, जिससे कि अचानक इन दोनों विभागों का डिसकनेक्शन न हो जाए, क्योंकि दोनों विभागों का आम जनता से सीधा कन्सर्न रहता है। इसके अलावा अन्य विभागों में प्रीपेड मीटरिंग पूरी तरह से लागू की जा चुकी है। आगामी छह माह में कांगड़ा और चंबा में स्मार्ट मीटरिंग कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
स्मार्ट मीटरिंग पूरी होने पर जारी होगी ग्रांट
ई. अजय गौतम ने बताया कि विद्युत बोर्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्क जो कि आरडीएसएस योजना के तहत एक कंपनी ने लिए हैं, जिसकी ग्रांट तभी जारी होगी, जब स्मार्ट मीटरिंग कार्य पूरा हो जाएगा। ऐसे में बोर्ड ने आगामी छह माह में स्मार्ट मीटरिंग कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।