Summer express, अंबाला | नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस को अंबाला सिटी के वार्ड नंबर-3 में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार संजीव शर्मा का नामांकन पत्र जांच के दौरान रद्द कर दिया गया, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नामांकन पत्रों और शपथ पत्रों की जांच में सामने आया कि संजीव शर्मा पर एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है। इस मामले में स्थानीय अदालत उन्हें 10 साल की सजा सुना चुकी है। हालांकि उन्होंने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, लेकिन सजा के आधार पर उनका नामांकन अमान्य घोषित कर दिया गया।
इधर, भाजपा से जुड़े जिला प्रवक्ता हरीश शर्मा, जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया था, उनका पर्चा भी तकनीकी कारणों से अटक गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई की गई है।
संजीव शर्मा का नामांकन रद्द होने पर भाजपा प्रत्याशी आनंद मनी ने इसे कानून की जीत बताया और कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
वहीं कांग्रेस ने इस स्थिति के लिए पहले से वैकल्पिक रणनीति तैयार कर रखी थी। संजीव शर्मा ने अपनी पत्नी को कवरिंग कैंडिडेट के रूप में नामांकन करवाया था। अब उनकी पत्नी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगी।
इस घटनाक्रम के बाद वार्ड नंबर-3 का चुनाव और दिलचस्प हो गया है, जहां मुकाबला अब नए समीकरणों के साथ देखने को मिलेगा।