Summer express, कोलकाता | पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के अंतिम चरण के बीच आरामबाग से मिताली बाग के काफिले पर कथित हमले को लेकर सियासत तेज हो गई है। घटना के बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है।
सांसद मिताली बाग ने आरोप लगाया कि वह अभिषेक बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रही थीं, तभी हुगली जिले के गोगहाट इलाके में उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थकों ने रास्ता रोककर हमला किया, जिससे वाहन के शीशे टूट गए।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए इसे राजनीतिक ड्रामा बताया। पार्टी का कहना है कि वास्तविकता में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ही भाजपा कार्यालय के पास हंगामा किया और उनके समर्थकों पर हमला किया।
घटना के बाद निर्वाचन आयोग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सीसीटीवी फुटेज और संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मौके पर केंद्रीय बलों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके।
सूत्रों के अनुसार, आयोग पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर रहा है और सभी पक्षों से रिपोर्ट मांगी गई है। चुनावी माहौल के बीच इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि प्रशासन मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच में जुटा हुआ है।