summer express /धर्मशाला, राहुल -:नगर निगम चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए युवा और नए चेहरों पर भरोसा जताया है। धर्मशाला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने पार्टी की तैयारियों, उम्मीदवारों के चयन और आगामी चुनावी अभियान को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
सुधीर शर्मा ने बताया कि भाजपा ने देर शाम अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, जिसमें अधिकतर उम्मीदवार युवा, शिक्षित और पहली बार चुनाव मैदान में उतरने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रत्याशियों का चयन उनके व्यवहार, कार्यक्षमता और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता के आधार पर किया गया है। उनका मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे धर्मशाला को अब ऐसे प्रतिनिधियों की जरूरत है जो आधुनिक सोच और तकनीकी समझ के साथ शहर के विकास को नई दिशा दे सकें।उन्होंने कहा कि कुछ उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं, जबकि अन्य 2 मई को नामांकन प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद सभी प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में प्रचार अभियान शुरू करेंगे, जो पार्टी के प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व की रणनीति के अनुरूप आगे बढ़ेगा।कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सुधीर शर्मा ने देवेंद्र जग्गी पर धर्मशाला के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य शहर के समग्र विकास के साथ-साथ सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है, जो नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र से प्रेरित है।
विधायक ने नगर निगम के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदारों द्वारा काम में अनियमितताएं बरती जा रही हैं और जनता के पैसे का सही उपयोग नहीं हो रहा। उन्होंने जोर दिया कि धर्मशाला की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ और योजनाबद्ध विकास कार्य किए जाने चाहिए।इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार और सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे बदलावों के दावे जमीनी स्तर पर नजर नहीं आते और सरकार के भीतर भी असंतोष की स्थिति है।
साथ ही, उन्होंने 100 साल पुराने बॉयज स्कूल के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों ने इस विषय पर चिंता जताई है। उनके अनुसार, एक स्कूल को CBSE और दूसरे को राज्य शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत रखा जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने जल्दबाजी में निर्णय लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो वे कानूनी कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।कुल मिलाकर, भाजपा ने इस बार नए नेतृत्व और विकास के एजेंडे के साथ चुनावी मैदान में उतरने का संकेत दे दिया है।