Summer express, सुन्दर कुंडू , पलवल | पलवल शहर में बीते एक सप्ताह से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे हालात बेहद खराब हो गए हैं। नई सफाई एजेंसी द्वारा काम शुरू करने में देरी और नगर परिषद की वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण शहर कूड़े के ढेर में तब्दील होता जा रहा है। घर-घर से कूड़ा नहीं उठने के चलते लोग मजबूरन मुख्य चौराहों और सड़कों पर कचरा डाल रहे हैं, जिससे हर तरफ गंदगी फैल गई है।
शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हालात बद से बदतर हो चुके हैं। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी शहर में काम करने के बजाय नेताओं और अधिकारियों के घरों पर तैनात हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठेका देने में लेन-देन के विवाद के कारण सफाई कार्य ठप पड़ा है और स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है।
वहीं वार्ड-13 के पार्षद अनिल गोसाईं ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठान न होने से शहर गंदगी से भर गया है और प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशों की भी अनदेखी कर रहा है।
इस पूरे मामले पर जिला नगर आयुक्त मनीषा शर्मा का कहना है कि पुरानी एजेंसी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और नई एजेंसी को काम संभालने में समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि नई गाड़ियां और संसाधन जुटाए जा रहे हैं तथा जल्द ही सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पलवल की सफाई व्यवस्था पिछले कई वर्षों से सवालों के घेरे में रही है। पूर्व में सफाई का जिम्मा संभालने वाली कंपनी पर लापरवाही के चलते जुर्माना भी लगाया जा चुका है और पार्षदों द्वारा उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठ चुकी है। इसके बावजूद हालात में खास सुधार नहीं हुआ।
स्वच्छता रैंकिंग में भी पलवल पिछड़ चुका है, जहां 824 शहरों में उसका स्थान 427वां रहा था। नगर परिषद ने शहर की सफाई के लिए करोड़ों रुपये के ठेके दिए, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। वर्तमान में सीमित संसाधनों के सहारे कूड़ा उठान किया जा रहा है, जबकि शहर से प्रतिदिन करीब 110 टन कचरा निकलता है। ऐसे में हर इलाके में कूड़े के ढेर लगे हैं और लोग बदहाल स्थिति से जूझ रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।